मध्यप्रदेश में राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। भारतीय जनता पार्टी ने संभावित उम्मीदवारों का पैनल तैयार कर केंद्रीय नेतृत्व को भेज दिया है। माना जा रहा है कि पार्टी इस बार सामाजिक और क्षेत्रीय समीकरणों को ध्यान में रखते हुए नामों पर अंतिम फैसला करेगी। प्रदेश की तीन राज्यसभा सीटों पर होने वाले चुनाव को लेकर कई बड़े नेताओं के नाम चर्चा में हैं, जिससे सियासी गलियारों में हलचल बढ़ गई है।
तीन सीटों पर होगा मुकाबला
मध्यप्रदेश में राज्यसभा की तीन सीटों के लिए चुनाव होने जा रहे हैं। वर्तमान स्थिति की बात करें तो बीजेपी के पास दो सीटें हैं, जबकि कांग्रेस के खाते में तीन सीटें हैं। बीजेपी की ओर से केंद्रीय राज्यमंत्री जॉर्ज कुरियन और डॉ. सुमेर सिंह सोलंकी राज्यसभा सांसद हैं, वहीं कांग्रेस की ओर से दिग्विजय सिंह उच्च सदन का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। चुनाव आयोग की ओर से 1 जून को अधिसूचना जारी की जाएगी।
नामांकन से मतदान तक पूरा शेड्यूल
राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख 8 जून तय की गई है। इसके बाद 18 जून को मतदान, मतगणना और परिणाम घोषित किए जाएंगे। चुनाव प्रक्रिया शुरू होने से पहले ही राजनीतिक दलों ने रणनीति बनाना शुरू कर दिया है। बीजेपी खासतौर पर उम्मीदवार चयन में जातीय और क्षेत्रीय संतुलन साधने की कोशिश में जुटी हुई है।
इन दिग्गजों के नाम चर्चा में
बीजेपी के संभावित उम्मीदवारों में कई बड़े नेताओं के नाम सामने आ रहे हैं। इनमें मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा, अरविंद भदौरिया, अखंड प्रताप सिंह और जीएस डामोर के नाम प्रमुख हैं। महिला प्रतिनिधित्व को ध्यान में रखते हुए पूर्व मंत्री रंजना बघेल का नाम भी चर्चा में है। इसके अलावा संघ और संगठन से जुड़े अभय महाजन, महेश शर्मा और लाल सिंह आर्य जैसे नेताओं के नाम भी राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बने हुए हैं।
सामाजिक समीकरण पर फोकस
सूत्रों के मुताबिक बीजेपी इस बार राज्यसभा चुनाव में सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन को प्राथमिकता दे सकती है। अनुसूचित जाति, जनजातीय वर्ग और महिला प्रतिनिधित्व को ध्यान में रखकर पैनल तैयार किया गया है। पार्टी नेतृत्व अंतिम नामों पर मंथन कर रहा है और जल्द ही उम्मीदवारों की आधिकारिक घोषणा हो सकती है। चुनाव को लेकर प्रदेश की राजनीति में लगातार हलचल बनी हुई है।