सीएम मोहन यादव ने किया ‘एमपी राइज 2025’ कॉन्क्लेव का उद्घाटन । रतलाम में शुक्रवार को ‘एमपी राइज 2025’ इंडस्ट्रीज कॉन्क्लेव की शुरुआत हुई। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस मौके पर प्रदेश को कई बड़ी सौगातें दीं। इस आयोजन में न सिर्फ निवेश के नए द्वार खुले, बल्कि हजारों युवाओं को रोजगार के नए अवसर भी प्राप्त हुए। सिंगल क्लिक के जरिए 1670 करोड़ रुपये के निवेश का भूमिपूजन कर प्रदेश को औद्योगिक विकास की दिशा में नई रफ्तार दी गई।
47 नई औद्योगिक इकाइयों की नींव, 3780 रोजगार के अवसर
कॉन्क्लेव के माध्यम से मध्यप्रदेश में 47 औद्योगिक इकाइयों का भूमि पूजन किया गया। अनुमान है कि इन इकाइयों से करीब 3780 युवाओं को प्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा। ये इकाइयां प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में स्थापित होंगी, जिससे औद्योगिक संतुलन बना रहेगा।
4.25 लाख हितग्राहियों को 3861 करोड़ का ऋण और अनुदान
सीएम मोहन यादव ने सिंगल क्लिक की मदद से 4 लाख 25 हजार से अधिक लोगों को कुल 3861 करोड़ रुपये की ऋण और अनुदान राशि वितरित की। यह राशि स्वरोजगार और छोटे उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए दी गई है, जिससे ग्रामीण और शहरी युवाओं को आत्मनिर्भर बनने में मदद मिलेगी।
रतलाम बनेगा औद्योगिक हब, बड़े उद्योग समूहों की भागीदारी
इस कॉन्क्लेव में कई नामचीन कंपनियों ने हिस्सा लिया, जिन्होंने रतलाम में निवेश की रुचि दिखाई है। इस आयोजन के जरिए रतलाम को एक संभावनाशील औद्योगिक क्षेत्र के रूप में स्थापित करने का प्रयास किया गया है। इसके साथ ही आयोजन ने प्रदेश के अन्य क्षेत्रों को भी निवेश के लिए आकर्षित किया है।
उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मान, युवाओं को प्रेरणा
मुख्यमंत्री ने उद्योग एवं रोजगार क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कई व्यक्तियों को सम्मानित किया। इससे न केवल मेहनत की सराहना हुई बल्कि अन्य युवाओं को भी प्रेरणा मिली कि वे अपने हुनर के बल पर आगे बढ़ सकते हैं।
सिर्फ उद्योग नहीं, कौशल विकास भी प्राथमिकता
इस कॉन्क्लेव में सिर्फ निवेश की बात नहीं हुई, बल्कि कौशल विकास और रोजगार को भी केंद्र में रखा गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि "उद्योग, कौशल और रोजगार" एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं और इन्हें अलग-अलग नहीं देखा जा सकता। इसी दृष्टिकोण के तहत एमपी राइज 2025 केवल एक औद्योगिक योजना नहीं, बल्कि व्यापक सामाजिक-आर्थिक बदलाव की दिशा में उठाया गया कदम है।