मध्य प्रदेश में पिछले पांच महीनों में सामने आए करीब 200 करोड़ के ‘रोमांस स्कैम’ ने साइबर विशेषज्ञों की चिंता बढ़ा दी है। प्रेम के जाल में फंसाकर लोगों से ठगे गए इस बड़े धनराशि के मनी ट्रेल का खुलासा हुआ है। जांच में सामने आया कि कुल ठगी का लगभग 80% यानी 160 करोड़ रुपए विदेशों में भेजे गए। इस स्कैम के तार दक्षिण एशिया से लेकर खाड़ी देशों और चीन तक जुड़े मिले हैं।
विदेशों में भेजे गए 160 करोड़ रुपए
साइबर सेल की जांच में पता चला कि रोमांस स्कैम से लूटे गए पैसों में से एक बड़ी राशि कई देशों में भेजी गई। ठगों ने म्यांमार, थाइलैंड, कंबोडिया और खाड़ी देशों के माध्यम से धन ट्रांसफर किया। मनी ट्रेल से यह भी खुलासा हुआ कि खाड़ी देशों के रास्ते एक हिस्सा चीन तक पहुंचाया गया, जिससे अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की पुष्टि होती है।
वर्चुअल नंबर से गिरोह की सक्रियता
जांच में पता चला कि इस हाई प्रोफाइल फ्रॉड में विदेशी गैंग शामिल हैं। ठग वर्चुअल नंबर का उपयोग कर भारत में लोगों को शिकार बनाते थे। इनका नेटवर्क बांग्लादेश, मालदीव, नेपाल और भूटान सहित 10 से अधिक देशों तक फैला हुआ है। इन गैंग ने सोशल प्लेटफॉर्म पर नकली पहचान बनाकर लोगों को प्रेमजाल में फंसाया।
क्रिप्टो करेंसी बना मुख्य जरिया
साइबर टीम के अनुसार, ठगी की राशि को विदेश पहुंचाने में क्रिप्टो करेंसी का बड़े पैमाने पर उपयोग किया गया। चीन सहित कई देशों को भेजे गए पैसों को क्रिप्टो वॉलेट के जरिए ट्रेस किया गया है। डिजिटल करेंसी के कारण राशि का स्रोत छिपाना आसान हो गया, जिससे गिरोह कई महीनों तक पकड़े नहीं गए।बड़े साइबर फ्रॉड की श्रेणी में शामिल
यह घटना हाई वैल्यू साइबर फ्रॉड की श्रेणी में आती है, जिसमें लोगों को बड़े आर्थिक नुकसान उठाने पड़े। जांच एजेंसियों का कहना है कि इस स्कैम के पीछे संगठित विदेशी साइबर नेटवर्क सक्रिय है, जो भारत सहित कई देशों में इसी तरह की ठगी को अंजाम देता है।