मध्यप्रदेश में शीतलहर ने लोगों की दिनचर्या प्रभावित कर दी है। रात के तापमान में तेज गिरावट के चलते कई शहरों में पारा 5 डिग्री से नीचे पहुंच गया। रीवा प्रदेश का सबसे ठंडा जिला बनकर उभरा, वहीं राजधानी भोपाल भी ठिठुरती नजर आई। कोहरे और सर्द हवाओं का असर अब सड़क से लेकर रेल यातायात तक साफ दिखाई दे रहा है।
रीवा सबसे ठंडा, कई शहरों में पारा 5 से नीचे
प्रदेश में बीती रात सबसे ज्यादा ठंड रीवा में दर्ज की गई, जहां न्यूनतम तापमान 3.2 डिग्री सेल्सियस रहा। इसके बाद राजगढ़ 3.5 डिग्री और पचमढ़ी 3.8 डिग्री के साथ ठंडे इलाकों में शामिल रहे। भोपाल में पारा 4.8 डिग्री तक लुढ़क गया, जबकि ग्वालियर में इंदौर से ज्यादा ठंड दर्ज की गई।
कोहरे का कहर, रेल यातायात प्रभावित
सुबह के समय घने कोहरे के कारण रेल सेवाएं भी प्रभावित हुईं। दिल्ली से भोपाल और इंदौर की ओर आने वाली कई ट्रेनें घंटों देरी से चलीं। मालवा एक्सप्रेस करीब चार घंटे लेट रही, वहीं शताब्दी और अन्य प्रमुख ट्रेनों की टाइमिंग भी बिगड़ गई। यात्रियों को ठंड और इंतजार दोनों की मार झेलनी पड़ी।
शीतलहर का अलर्ट, सर्द हवाएं तेज
मौसम विभाग ने भोपाल, इंदौर, सीहोर, राजगढ़ सहित कई जिलों में कोल्ड वेव का अलर्ट जारी किया है। कई इलाकों में दिनभर सर्द हवाएं चलती रहीं, जिससे धूप के बावजूद ठंड का असर बना रहा।
पश्चिमी विक्षोभ से और बढ़ेगी ठंड
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में सक्रिय हो रहा पश्चिमी विक्षोभ प्रदेश में ठंड को और बढ़ा सकता है। इसके साथ ही ऊंचाई पर बह रही तेज जेट स्ट्रीम भी तापमान गिराने में अहम भूमिका निभा रही है, जिससे आने वाले दिनों में ठंड और तीखी हो सकती है।
लोगों के लिए सलाह
विशेषज्ञों ने लोगों को सुबह-शाम बाहर निकलते समय गर्म कपड़े पहनने, कोहरे में वाहन चलाते समय सावधानी बरतने और बुजुर्गों व बच्चों का खास ध्यान रखने की सलाह दी है।