मध्यप्रदेश के शिवपुरी से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक नवविवाहिता चलती ट्रेन से गिर गई और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। दिल को झकझोर देने वाली इस घटना में सबसे दुखद पहलू यह रहा कि पति ने अपनी पत्नी का शव कंधे पर उठाकर आधे किलोमीटर तक पैदल चलकर ले गया, लेकिन रास्ते में किसी ने भी मदद नहीं की। यह घटना सिस्टम की लापरवाही, मानवता की कमी और रेलवे सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करती है। मृतका की शादी को अभी सिर्फ एक महीना ही हुआ था और वह अपने पति के साथ परीक्षा देकर लौट रही थी। हादसा उस वक्त हुआ जब महिला को उल्टी आने लगी और वह चलती ट्रेन के दरवाजे के पास खड़ी होकर उल्टी करने लगी, तभी उसका पैर फिसल गया और वह नीचे गिर गई।
शादी के एक महीने बाद मौत का मातम
ग्वालियर के रहने वाले एडवोकेट विकास जोशी की शादी 16 अप्रैल 2025 को उरई (जालौन) की रहने वाली शिवानी शर्मा से हुई थी। शिवानी एलएलबी की छात्रा थी और हाल ही में वह परीक्षा देने पति के साथ उरई गई थी। मंगलवार रात दोनों इंदौर लौट रहे थे। तभी शिवपुरी के पास ट्रेन से गिरने की यह दर्दनाक घटना हो गई।
अंधेरे में शव उठाकर आधा किमी. चला पति
विकास के मुताबिक जैसे ही उसे जानकारी मिली कि शिवानी ट्रेन से गिर गई है, उसने तुरंत चेन खींचकर ट्रेन को रुकवाया और अंधेरे में करीब एक किमी तक ट्रैक पर पत्नी की तलाश की। जब वह शिवानी तक पहुंचा, तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। विकास ने शव को कंधे पर उठाया और आधा किलोमीटर तक पैदल लेकर आया। इस दौरान न तो जीआरपी ने मदद की और न ही किसी राहगीर ने हाथ बढ़ाया।
मदद की बजाय कागजी कार्रवाई में उलझी जीआरपी
विकास ने बताया कि मदद की बजाय जीआरपी कर्मी सिर्फ कागजी कार्रवाई की बात करते रहे। अंत में किसी तरह एक कार चालक ने सहायता की, तब जाकर वह अस्पताल पहुंच पाया। लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने शिवानी को मृत घोषित कर दिया।