मध्यप्रदेश के सरकारी दफ्तरों में कार्यप्रणाली को डिजिटल और पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। करीब 5.50 लाख कर्मचारियों की अटेंडेंस अब एक नए स्मार्ट बायोमैट्रिक सिस्टम से दर्ज होगी, जिसमें कर्मचारी की मौजूदगी और अनुपस्थिति दोनों पर रियल टाइम नजर रखी जाएगी। जैसे ही कर्मचारी अपनी सीट छोड़ेंगे, सिस्टम स्वतः शॉर्ट लीव या हॉफ डे दर्ज कर देगा, जिससे निगरानी व्यवस्था और सख्त हो जाएगी।
डिजिटल अटेंडेंस सिस्टम की शुरुआत
प्रदेश सरकार द्वारा तैयार किया जा रहा नया सॉफ्टवेयर सरकारी दफ्तरों में बायोमैट्रिक अटेंडेंस को पूरी तरह डिजिटल बनाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। एमपीएसईडीसी को इसकी जिम्मेदारी दी गई है, जो सिस्टम को केंद्रीय सर्वर से जोड़कर रियल टाइम डेटा अपडेट सुनिश्चित करेगा। शुरुआत में यह व्यवस्था मंत्रालय और प्रमुख प्रशासनिक भवनों से लागू की जाएगी।
सीट छोड़ते ही दर्ज होगी शॉर्ट लीव
नए सिस्टम की सबसे बड़ी खासियत इसकी ऑटोमेशन तकनीक है। कर्मचारी जैसे ही अपनी सीट से उठेंगे, सिस्टम उनकी स्थिति को ट्रैक कर लेगा और यदि वे निर्धारित समय तक वापस नहीं लौटते, तो स्वतः शॉर्ट लीव या हॉफ डे दर्ज हो जाएगा। यह व्यवस्था कार्यालयों में अनुशासन और उपस्थिति प्रबंधन को अधिक सटीक बनाने के लिए तैयार की जा रही है।
रियल टाइम मॉनिटरिंग से बढ़ेगी पारदर्शिता
सॉफ्टवेयर को इस तरह डिजाइन किया जा रहा है कि हर कर्मचारी की उपस्थिति और गतिविधि पर लाइव नजर रखी जा सके। मशीन पर पंच करते ही डेटा सीधे केंद्रीय सर्वर में दर्ज होगा। इससे न केवल फर्जी उपस्थिति पर रोक लगेगी बल्कि कार्यालयों में कार्य समय का सही उपयोग भी सुनिश्चित हो सकेगा।
सरकारी नियमों में भी बड़े बदलाव की तैयारी
सरकार केवल अटेंडेंस सिस्टम ही नहीं, बल्कि सेवा नियमों में भी बदलाव की दिशा में काम कर रही है। वर्षों पुरानी ‘दो से अधिक बच्चों’ वाली शर्त को हटाने पर सहमति बन चुकी है। वहीं दूसरी ओर, गिफ्ट लेने और निवेश से जुड़े नियमों को भी सख्त और स्पष्ट किया जा रहा है, ताकि किसी भी तरह की अनियमितता पर रोक लगाई जा सके।
गिफ्ट और निवेश पर सख्त निगरानी व्यवस्था
संशोधित नियमों के तहत अधिकारी और कर्मचारी एक निर्धारित सीमा तक ही गिफ्ट स्वीकार कर सकेंगे। इसके अलावा उनकी आय और निवेश के बीच संतुलन पर भी नजर रखी जाएगी। यदि किसी भी तरह से गिफ्ट या निवेश को कमाई का जरिया बनाया गया, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।