मध्य प्रदेश में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR – Special Intensive Revision) की प्रक्रिया अब आधिकारिक तौर पर शुरू हो गई है। निर्वाचन आयोग ने 2003 की मतदाता सूची को अपनी वेबसाइट पर अपलोड कर दी है। राज्य के सभी जिलों को निर्देश दिए गए हैं कि वे इस सूची को डाउनलोड करके बीएलओ स्तर पर मिलान करें। जिला निर्वाचन अधिकारी सतना के निर्देशानुसार हर जिले को 19 सितंबर तक निर्धारित प्रारूप में आवश्यक जानकारी प्रस्तुत करनी होगी।
SIR प्रक्रिया का उद्देश्य और कार्यप्रणाली
चुनाव आयोग ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहत 2003 की मतदाता सूची का डेटा अब 2025 की मतदाता सूची से मिलान करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसका उद्देश्य पुराने समय से जारी मतदाता सूचियों में पाई जा रही विसंगतियों को दूर करना है। यह सुनिश्चित करना है कि सभी वैध मतदाता सूची में सही रूप से दर्ज हों और बेवजह दोहराए गए या अवैध नाम हटाए जाएं। इस प्रक्रिया के तहत प्रत्येक जिले को तीन तरह के फॉर्मेट में डेटा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
बीएलओ स्तर पर टेबल टॉप अभ्यास
निर्वाचन प्रक्रिया को सटीक बनाने के लिए घर-घर सर्वेक्षण शुरू करने से पहले ब्लॉक लेवल ऑफिसर (BLO) स्तर पर टेबल टॉप अभ्यास का आयोजन किया जाएगा। इस अभ्यास में वर्ष 2025 की मतदाता सूची की तुलना वर्ष 2003 की मतदाता सूची से भागवार रूप से की जाएगी। इसके लिए निर्वाचन आयोग ने 2003 की पूरी मतदाता सूची अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड की है, जिसे सभी जिलों को डाउनलोड करके बीएलओ को मिलान हेतु उपलब्ध कराना होगा। इस प्रक्रिया से फर्जी वोटरों की पहचान करने में मदद मिलेगी।
तीन प्रारूपों में विवरण भरना अनिवार्य
निर्वाचन अधिकारियों को तीन तरह के फॉर्मेट में आवश्यक जानकारी समय सीमा में उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है:
प्रारूप 1: 2003 और 2025 की मतदाता सूची के आधार पर विधानसभा, पार्ट नंबर, सीरियल नंबर और ईपिक नंबर की तुलना कर विवरण प्रस्तुत करना होगा।
प्रारूप 2: दोनों सूचियों में मिलान किए गए मतदाताओं के परिवार के सदस्यों का विवरण अलग-अलग पंक्तियों में भरना होगा।
प्रारूप 3: ऐसे मतदाताओं की संख्या प्रस्तुत करनी होगी जिनका नाम 2003 की सूची में दर्ज है लेकिन विशेष शर्तों (जैसे जन्म तिथि, माता-पिता की जानकारी) के आधार पर अलग-अलग वर्गीकृत किया जाएगा।
यह सुनिश्चित करने का प्रयास है कि मतदाता सूची अधिक पारदर्शी, विश्वसनीय व सटीक हो।
समय सीमा और आगे की प्रक्रिया
संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी आर.पी.एस. जादौन ने सतना के सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को स्पष्ट रूप से निर्देशित किया है कि वे सभी जानकारी निर्धारित प्रारूप में 19 सितंबर तक पूर्ण करें। इसके बाद घर-घर सर्वेक्षण की प्रक्रिया शुरू होगी। यह प्रयास आने वाले चुनाव को निष्पक्ष व पारदर्शी बनाने के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे मतदाता सूची में गड़बड़ी की संभावना समाप्त होगी।