दिल्ली में हुई अहम बैठकों के बाद मध्य प्रदेश के लिए बड़ी आर्थिक राहत के संकेत मिले हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने केंद्रीय वित्त मंत्री और केंद्रीय कृषि मंत्री से मुलाकात कर राज्य के लिए विभिन्न विकास योजनाओं पर सहयोग मांगा। चर्चा के बाद केंद्र सरकार की ओर से करीब 2500 करोड़ रुपये की सहायता और आगामी सिंहस्थ के लिए विशेष पैकेज पर सकारात्मक संकेत सामने आए हैं, जिससे किसानों, महिलाओं और ग्रामीण विकास से जुड़े कई प्रोजेक्ट को गति मिल सकती है।
दिल्ली में अहम बैठक, विकास परियोजनाओं पर चर्चा
दिल्ली में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन से मुलाकात कर राज्य के विकास से जुड़े कई प्रस्ताव रखे। उन्होंने 15वें वित्त आयोग के तहत विभिन्न परियोजनाओं के लिए 2500 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता की मांग की। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह राशि किसानों, गरीबों, महिलाओं और युवाओं के कल्याण से जुड़े कार्यक्रमों को मजबूती देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। सूत्रों के अनुसार वित्त मंत्रालय ने इन प्रस्तावों पर सकारात्मक रुख दिखाया है।
सिंहस्थ के लिए विशेष पैकेज की उम्मीद
बैठक में उज्जैन में होने वाले आगामी सिंहस्थ महाकुंभ की तैयारियों पर भी चर्चा हुई। राज्य सरकार ने सिंहस्थ के लिए विशेष वित्तीय पैकेज का प्रस्ताव रखा है, ताकि बुनियादी ढांचे, यातायात व्यवस्था, घाटों के निर्माण और अन्य व्यवस्थाओं को बेहतर बनाया जा सके। केंद्र से मिलने वाले सहयोग से इस विशाल धार्मिक आयोजन की तैयारियों को और गति मिलने की संभावना है।
किसानों के लिए बड़ा फैसला, तुअर की शत-प्रतिशत खरीद
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ हुई चर्चा में किसानों से जुड़ा अहम फैसला भी सामने आया। केंद्र सरकार ने तुअर की शत-प्रतिशत खरीद का निर्णय लिया है। इससे किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिल सकेगा और बाजार में कीमत गिरने की स्थिति में भी उन्हें नुकसान नहीं होगा। इस फैसले को दलहन उत्पादन बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
दलहन-तिलहन मिशन और कृषि योजनाओं पर फोकस
बैठक में दलहन और तिलहन उत्पादन बढ़ाने के लिए संयुक्त रणनीति बनाने पर भी सहमति बनी। मूंग, उड़द, चना, तिल और सरसों जैसी फसलों के लिए अलग-अलग रणनीति तैयार करने का सुझाव दिया गया है। इसके अलावा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, मृदा स्वास्थ्य कार्यक्रम और मनरेगा से जुड़े भुगतान के मुद्दों पर भी चर्चा की गई।
सड़क, आवास और महिला समूहों को मिलेगा फायदा
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत राज्य के खनन और भारी यातायात वाले क्षेत्रों में मजबूत सड़कों के निर्माण पर भी जोर दिया गया। इसके साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण और आजीविका मिशन के तहत महिलाओं और स्व-सहायता समूहों को सशक्त बनाने की दिशा में भी योजनाओं को गति देने पर सहमति बनी। इन योजनाओं से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है।