मध्य प्रदेश में महिला सशक्तिकरण को लेकर एक अहम राजनीतिक पहल सामने आई है। Madhya Pradesh Legislative Assembly का एक दिवसीय विशेष सत्र 27 अप्रैल 2026 को आयोजित किया जाएगा, जिसमें नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर व्यापक चर्चा होगी। इस सत्र को महिला आरक्षण के मुद्दे पर राज्य स्तर पर महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जहां सरकार और विपक्ष के बीच गहन बहस होने की संभावना है।
27 अप्रैल को बुलाया गया विशेष सत्र
राज्य सरकार ने अधिसूचना जारी कर स्पष्ट किया है कि विधानसभा का विशेष सत्र 27 अप्रैल, सोमवार को आयोजित किया जाएगा। यह सत्र एक दिन का होगा, लेकिन इसमें महिला आरक्षण से जुड़े अहम मुद्दों पर केंद्रित चर्चा की जाएगी। इस दौरान नारी शक्ति वंदन अधिनियम के विभिन्न पहलुओं पर विचार किया जाएगा।
महिला आरक्षण पर होगी गहन बहस
सत्र में महिलाओं को लोकसभा और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण देने के प्रावधान पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। यह विषय लंबे समय से राजनीतिक विमर्श का केंद्र रहा है। सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों अपने-अपने दृष्टिकोण रखते हुए इस मुद्दे पर तर्क प्रस्तुत करेंगे।
निंदा प्रस्ताव लाने की भी संभावना
सूत्रों के मुताबिक, इस विशेष सत्र के दौरान सरकार एक निंदा प्रस्ताव भी पेश कर सकती है। इससे सत्र का राजनीतिक महत्व और बढ़ जाएगा। ऐसे में सदन के भीतर तीखी बहस और आरोप-प्रत्यारोप देखने को मिल सकते हैं।
नारी शक्ति वंदन पखवाड़ा और सत्र का महत्व
राज्य में इन दिनों नारी शक्ति वंदन पखवाड़ा मनाया जा रहा है, जिसका उद्देश्य महिलाओं के सशक्तिकरण और राजनीतिक भागीदारी को बढ़ावा देना है। यह विशेष सत्र उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे महिला प्रतिनिधित्व को मजबूती मिलने की उम्मीद है।