मध्य प्रदेश में नशीले कफ सिरप के अवैध कारोबार के खिलाफ एसटीएफ की कार्रवाई लगातार जारी है। विशेष कार्य बल ने इस मामले में पांच और आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिन पर कुल 80 हजार रुपये का इनाम घोषित था। इस कार्रवाई के बाद मामले में तीन नाबालिग समेत अब तक 15 लोगों को हिरासत में लिया जा चुका है। जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि अवैध कफ सिरप की सप्लाई बेहद शातिर तरीके से की जा रही थी।
अवैध फैक्ट्री पर छापे से खुला पूरा खेल
एसटीएफ ने 28 और 29 मई की दरम्यानी रात गांधी नगर क्षेत्र के पटेल सिटी स्थित एक किराए के मकान में छापा मारकर अवैध कफ सिरप फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया था। मकान के दो कमरों से भारी मात्रा में अवैध कफ सिरप की बोतलें और उससे जुड़ा सामान बरामद किया गया था। शुरुआती जांच में करीब दो करोड़ रुपये कीमत की सिरप जब्त की गई थी। कार्रवाई के दौरान मौके से 10 लोगों को भी हिरासत में लिया गया था।
पांच और आरोपियों की गिरफ्तारी से बढ़ी जांच की कड़ियां
प्रारंभिक जांच के बाद एसटीएफ ने बैतूल, नई दिल्ली, सीहोर और अन्य स्थानों पर दबिश देकर पांच और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन आरोपियों पर पहले से इनाम घोषित था। जांच एजेंसियों को शक है कि यह नेटवर्क कई जिलों और राज्यों तक फैला हुआ है और इसमें कई अन्य लोग भी शामिल हो सकते हैं।
कुरकरे के पैकेटों के नीचे छिपाकर भेजी जाती थी खेप
जांच में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। आरोपियों द्वारा ट्रकों में ऊपर कुरकरे और अन्य खाद्य सामग्री के पैकेट रखे जाते थे, जबकि नीचे अवैध कफ सिरप की पेटियां छिपाकर अलग-अलग स्थानों तक पहुंचाई जाती थीं। जांच में विंध्य और महाकौशल क्षेत्र में इस नेटवर्क के सक्रिय होने के संकेत मिले हैं। सतना और जबलपुर जिलों में भी उन स्थानों की जानकारी मिली है, जहां इस सिरप की सप्लाई की जाती थी।
नशे की मात्रा और खरीदारों की तलाश में जुटी STF
एसटीएफ अब इस बात की भी जांच कर रही है कि जब्त किए गए कफ सिरप में नशे का असर बढ़ाने के लिए किसी अन्य पदार्थ की मिलावट तो नहीं की जा रही थी। इसके साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि यह अवैध माल किन लोगों तक पहुंचता था और इसके खरीदार कौन थे। अधिकारियों का मानना है कि जांच आगे बढ़ने के साथ इस पूरे सिंडिकेट से जुड़े कई और बड़े खुलासे सामने आ सकते हैं। फिलहाल एसटीएफ पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने और इसके मुख्य सरगनाओं तक पहुंचने की कोशिश में जुटी हुई है।