मध्य प्रदेश के गौहरगंज में 6 वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म के आरोपी सलमान के शॉर्ट एनकाउंटर के बाद राज्य की राजनीति और कानून व्यवस्था पर नई बहस छिड़ गई है। आरोपी को पकड़ने के दौरान पुलिस ने उसके पैर में गोली मारी, जिसके बाद कई संगठनों और आम लोगों ने कड़ा आक्रोश जताया। वहीं, मुख्यमंत्री मोहन यादव ने साफ संकेत दिए हैं कि राज्य में अपराधियों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और कानून हाथ में लेने वालों को किसी भी हाल में छोड़ा नहीं जाएगा।
गौहरगंज रेप केस: आरोपी की गिरफ्तारी और एनकाउंटर पर सवाल
गौहरगंज में घटी इस दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे प्रदेश को हिला दिया। छह दिनों की तलाश के बाद आरोपी सलमान को भोपाल में पकड़ा गया। पुलिस के अनुसार उसने फरार होने और फायरिंग कर भागने की कोशिश की, जिसके बाद उसके पैर में गोली मारकर उसे काबू किया गया। हालांकि, स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुलिस ने आरोपी को बचाने की कोशिश की और उसके खिलाफ की गई कार्रवाई बेहद हल्की रही। कुछ लोगों का कहना है कि इतनी गंभीर वारदात के बाद आरोपी को और कड़ी कार्रवाई का सामना करना चाहिए था।
हिंदू संगठनों का आक्रोश, ‘जिहादी मानसिकता का आरोप
कई संगठनों ने आरोपी को ‘जिहादी मानसिकता’ वाला बताते हुए गुस्सा जताया है। उनका कहना है कि बच्ची को निशाना बनाना सांप्रदायिक सोच का परिणाम है। संगठनों ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब आरोपी ने फायर किया, तब उसे जानलेवा जवाब क्यों नहीं दिया गया। इस दौरान क्षेत्र में तनाव का माहौल भी देखा गया।
राजनीतिक बयान: “ऐसे अपराधियों को फांसी मिले”
राजनीतिक स्तर पर भी इस मामले ने गर्मी बढ़ा दी है। कई नेताओं ने मांग की है कि आरोपी को सख्त से सख्त सजा मिले और ऐसे अपराधियों के लिए नियम और कठोर किए जाएं।
कई नेताओं का मानना है कि अपराधियों के मन में कानून का डर तभी पैदा होगा जब सख्त एक्शन दिखाई देगा।
सीएम मोहन यादव का सख्त संदेश: जीरो टॉलरेंस
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने एनकाउंटर पर उठ रहे सवालों के बीच बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि जो कानून को चुनौती देगा, सरकार उससे सख्ती से निपटेगी। सीएम ने स्पष्ट किया कि अपराधियों के लिए राज्य में कोई नरमी नहीं होगी और सरकार जीरो टॉलरेंस की नीति पर चल रही है। उनके इस बयान को प्रदेश में बढ़ते अपराधों पर कड़े रुख के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।