मध्यप्रदेश सरकार राज्य में अग्निशमन सेवाओं को आधुनिक बनाने के लिए 400 करोड़ रुपये की बड़ी योजना लागू करने जा रही है। इस परियोजना के तहत प्रदेशभर में 36 हाईटेक फायर स्टेशन स्थापित होंगे, जिनमें अत्याधुनिक उपकरण, नए अग्निशमन वाहन और राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम जैसी सुविधाएँ शामिल होंगी। इससे आगजनी की घटनाओं पर तेजी से काबू पाने के साथ आपदा प्रबंधन तंत्र को भी मजबूत बनाया जा सकेगा।
पूरे प्रदेश में 36 नए फायर स्टेशन की तैयारी
राज्य सरकार ने नगरीय निकायों में अग्निशमन सेवाओं के विस्तार के लिए व्यापक योजना तैयार की है। रीवा, सागर, इंदौर, उज्जैन सहित कई जिलों में आधुनिक फायर स्टेशन प्रस्तावित हैं। इससे शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ नए जिलों और विस्तारशील इलाकों को भी फायदा मिलेगा।
400 करोड़ की परियोजना, फंडिंग मॉडल तय
कुल परियोजना लागत 400 करोड़ रुपये होगी, जिसमें 75 प्रतिशत राशि केंद्र और 25 प्रतिशत राशि राज्य सरकार वहन करेगी। यह फंड 15वें वित्त आयोग की सिफारिशों के आधार पर स्वीकृत किया गया है, ताकि अग्निशमन अवसंरचना को राष्ट्रीय स्तर के मानकों के अनुरूप विकसित किया जा सके।
हाईटेक उपकरण और नए दमकल वाहन मिलेंगे
नई परियोजना के तहत अत्याधुनिक तकनीक से लैस अग्निशमन वाहन खरीदे जाएंगे, जो ऊँची इमारतों और जटिल स्थानों पर भी तेजी से पहुंच सकें। साथ ही आधुनिक फायरफाइटिंग उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे प्रतिक्रिया समय कम होगा और राहत कार्य अधिक प्रभावी हो सकेंगे।
राज्य स्तरीय फायर कंट्रोल रूम होगा कनेक्टेड
सरकार एक उन्नत ‘स्टेट फायर कंट्रोल रूम’ विकसित करेगी, जिसे प्रदेश के सभी फायर स्टेशनों से जोड़ा जाएगा। इससे किसी भी आगजनी या आपदा की सूचना तुरंत मिलेगी, घटनाओं की निगरानी रियल टाइम में की जा सकेगी और राहत कार्यों में बेहतर तालमेल सुनिश्चित होगा।
प्रस्ताव तैयार, मंजूरी के बाद शुरू होगा काम
नगरीय प्रशासन विभाग ने इस परियोजना का विस्तृत प्रस्ताव तैयार कर दिया है। मंजूरी मिलने के बाद निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। नए फायर स्टेशन बनने से न केवल शहरों की सुरक्षा बढ़ेगी, बल्कि ग्रामीण और नए विकसित क्षेत्रों को भी समय पर आपदा सहायता उपलब्ध होगी।