मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों से भरपूर है, और अब यह शहर जल्द ही राज्य के पहले आधुनिक सिटी म्यूजियम का घर बनने जा रहा है। इस म्यूजियम की स्थापना मोती महल की एक विंग में की जा रही है, जिसे 20 करोड़ रुपए की लागत से भव्य रूप दिया जा रहा है। इस परियोजना का उद्देश्य प्रदेश के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और भौगोलिक वैभव को नई पीढ़ी के सामने आधुनिक तकनीक की मदद से पेश करना है। म्यूजियम को डिजिटल और इंटरेक्टिव बनाने के लिए इसमें ऑडियो-विजुअल गाइड, क्यूआर कोड स्कैनिंग जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। म्यूजियम में विज़िटर्स हिंदी और अंग्रेजी में जानकारियां प्राप्त कर सकेंगे, जिससे यह जगह ना सिर्फ इतिहास प्रेमियों बल्कि टूरिज्म को बढ़ावा देने में भी अहम भूमिका निभाएगी।
राजा भोज की गाथा से सजेगा ‘भोज संग्रहालय’
मोती महल के जिस हिस्से को म्यूजियम में बदला जा रहा है, वहीं भोज संग्रहालय की भी शुरुआत की जा रही है। इसमें महान राजा भोज के जीवन, उनके पराक्रम, शिक्षा और जनकल्याण कार्यों को डिजिटल माध्यम से प्रस्तुत किया जाएगा। यह गैलरी विशेष रूप से राजा भोज की विरासत को सम्मान देने के लिए बनाई जा रही है। पर्यटक यहां राजा भोज से जुड़े दुर्लभ तथ्यों और ऐतिहासिक तथ्यों से रूबरू हो सकेंगे।
ऐतिहासिक और सांस्कृतिक समृद्धि की झलक
11 गैलरी वाले इस म्यूजियम में न केवल राजा भोज की गाथा होगी, बल्कि नवाबी दौर की कला, मध्य भारत के पुरातात्विक खोज, प्राचीन मंदिरों के अवशेष और मूर्तियों की झलक भी मिलेगी। इन सभी को इंटरएक्टिव टेक्नोलॉजी के माध्यम से पेश किया जाएगा ताकि हर आयु वर्ग के दर्शक रुचि के साथ इन्हें देख सकें।
पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
पर्यटन विकास निगम के एमडी इलैया राजा टी ने बताया कि यह म्यूजियम न केवल भोपाल की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करेगा बल्कि टूरिज्म के नए रास्ते भी खोलेगा। डिजिटल माध्यम से पेश किया जा रहा यह संग्रहालय भोपाल को सांस्कृतिक मानचित्र पर एक नई पहचान देगा।