पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में बीजेपी की बड़ी जीत का असर अब मध्यप्रदेश में भी देखने को मिल सकता है। प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर बंगाल का मशहूर स्ट्रीट फूड ‘झालमुड़ी’ शुरू करने की तैयारी चल रही है। सरकार इस पहल के जरिए न सिर्फ पर्यटकों को नया स्वाद देना चाहती है, बल्कि सांस्कृतिक जुड़ाव और स्थानीय रोजगार को भी बढ़ावा देने की योजना बना रही है।
टूरिज्म में नया प्रयोग करने की तैयारी
मध्यप्रदेश सरकार अब पर्यटन स्थलों पर खान-पान के अनुभव को और विविध बनाने की दिशा में कदम बढ़ा रही है। पचमढ़ी, खजुराहो और सांची जैसे प्रमुख स्थानों पर ‘झालमुड़ी स्टॉल’ शुरू करने पर विचार किया जा रहा है। इससे पर्यटकों को एक अलग और नया स्वाद मिलेगा, जो अब तक केवल बंगाल की गलियों तक सीमित था।
मंत्री का बयान और संकेत
कैबिनेट मंत्री धर्मेंद्र लोधी ने इस पहल को लेकर सकारात्मक संकेत दिए हैं। उन्होंने कहा कि बंगाल में मिली जीत जनता के भरोसे का प्रतीक है और अब वहां की कुछ खास चीजों को मध्यप्रदेश में भी लाने की कोशिश की जा रही है। उनके मुताबिक, झालमुड़ी को टूरिज्म का हिस्सा बनाने से अनुभव और भी रोचक होगा।
एक भारत श्रेष्ठ भारत की झलक
पर्यटन विभाग इस योजना को सांस्कृतिक आदान-प्रदान के तौर पर देख रहा है। ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ की भावना के तहत अलग-अलग राज्यों की विशेषताओं को साझा करने की कोशिश की जा रही है। झालमुड़ी कॉर्नर शुरू होने से स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर भी बन सकते हैं।
सोशल मीडिया और ट्रेंड का असर
हाल के दिनों में ‘चुनावी झालमुड़ी’ सोशल मीडिया पर काफी चर्चा में रही है। इसके चलते लोगों में इस स्नैक को लेकर उत्सुकता भी बढ़ी है। यही वजह है कि सरकार इस ट्रेंड को टूरिज्म से जोड़ने की योजना बना रही है।
मोदी कनेक्शन से बढ़ी लोकप्रियता
झालमुड़ी तब राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आई जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बंगाल दौरे के दौरान इसे चखा था। इसके बाद से यह सिर्फ एक स्ट्रीट फूड नहीं, बल्कि एक पहचान बन गया। अब चुनावी जीत के बाद इसे जश्न और सांस्कृतिक प्रतीक के रूप में भी देखा जा रहा है।