मध्य प्रदेश अब फिल्म निर्माण की नई राजधानी बनने की राह पर है। ‘एमपी ट्रेवल मार्ट 2025’ में बॉलीवुड के सितारों और फिल्म निर्माताओं ने राज्य की सुंदरता, संस्कृति और फिल्म फ्रेंडली नीतियों की खुलकर सराहना की। कार्यक्रम में “द फ्यूचर ऑफ फिल्म सेंटर इन मध्यप्रदेश: फ्रॉम रील टू रियल ग्रोथ” विषय पर चर्चा के दौरान सभी ने माना कि मप्र अब रील से रियल ग्रोथ की दिशा में अग्रसर है और देश का अगला बड़ा फिल्म प्रोडक्शन हब बनने जा रहा है।
मध्यप्रदेश बनेगा ‘फिल्म निर्माण का नया केंद्र’
मध्यप्रदेश सरकार ने फिल्म उद्योग को बढ़ावा देने के लिए कई बड़े कदम उठाए हैं। राज्य की प्राकृतिक सुंदरता, ऐतिहासिक धरोहर और स्थानीय कला को फिल्मांकन के लिए आदर्श बताया जा रहा है। यहां की लोकेशन्स अब बॉलीवुड, ओटीटी प्लेटफॉर्म्स और वेब सीरीज के निर्माताओं की पहली पसंद बनती जा रही हैं। सरकार ने फिल्ममेकर्स को आकर्षित करने के लिए पारदर्शी सिंगल विंडो सिस्टम और आकर्षक अनुदान नीति लागू की है।
पर्यटन और सिनेमा के संगम से बढ़ेगा राज्य का आकर्षण
मप्र की अनछुई प्राकृतिक विरासत और सांस्कृतिक विविधता फिल्म निर्माण के साथ-साथ पर्यटन को भी नई दिशा दे रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगले पांच वर्षों में मध्यप्रदेश देश के शीर्ष पर्यटन स्थलों में शामिल होगा। पर्यटन स्थलों पर शूटिंग से न केवल स्थानीय अर्थव्यवस्था को बल मिलेगा, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी बनेंगे।
निवेश से खुलेगा रोजगार का नया अध्याय
राज्य में फिल्म निर्माण को गति देने के लिए बड़े प्रोडक्शन हाउस निवेश कर रहे हैं। इस पहल से अगले कुछ वर्षों में प्रदेश में दर्जनों फिल्में और वेब सीरीज शूट होने की संभावना है। इससे स्थानीय कलाकारों, तकनीशियनों और पर्यटन व्यवसायियों को व्यापक लाभ मिलेगा।
‘रील टू रियल ग्रोथ’: सिनेमा से विकास की नई परिभाषा
मध्य प्रदेश में फिल्म उद्योग के विकास से राज्य की छवि “हार्ट ऑफ इंडिया” से बढ़कर “हार्ट ऑफ फिल्म इंडिया” बनने की ओर अग्रसर है। यहां की फिल्म नीति, प्राकृतिक लोकेशन्स और सहयोगी प्रशासन फिल्मकारों को सुगमता और प्रेरणा दोनों प्रदान कर रहे हैं।