मध्य प्रदेश के विदिशा और झाबुआ जिलों में दो बच्चियों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। दोनों मामलों में परिजनों का कहना है कि बच्चियों की तबीयत पोलियो से बचाव की खुराक लेने के कुछ समय बाद बिगड़ी। वहीं स्वास्थ्य विभाग ने दवा को सुरक्षित बताते हुए मौत और खुराक के बीच सीधे संबंध की संभावना से इनकार किया है। दोनों घटनाओं की जांच शुरू कर दी गई है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
विदिशा में दो माह की बच्ची की तबीयत अचानक बिगड़ी
विदिशा जिले की कुरवाई तहसील के मैनखेड़ी गांव में दो माह की बच्ची को पोलियो से बचाव की खुराक दी गई थी। परिजनों के मुताबिक कुछ घंटों बाद बच्ची की तबीयत बिगड़ने लगी। उसे तत्काल स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद परिवार में शोक का माहौल है।
झाबुआ में 11 माह की मासूम ने तोड़ा दम
झाबुआ जिले के कल्याणपुरा क्षेत्र में भी इसी तरह का मामला सामने आया है। यहां 11 माह की बच्ची को दोपहर के समय खुराक दी गई थी। परिजनों के अनुसार कुछ समय बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई और अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो गई।
स्वास्थ्य विभाग ने दवा को बताया सुरक्षित
स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि जिन शीशियों से बच्चियों को खुराक दी गई थी, उसी से अन्य कई बच्चों को भी दवा दी गई और वे पूरी तरह स्वस्थ हैं। विभाग का कहना है कि पोलियो से बचाव की खुराक पूरी तरह सुरक्षित है और इससे जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी निगाहें
प्रारंभिक जांच में कुछ अन्य स्वास्थ्य कारणों की संभावना भी सामने आई है। अधिकारियों का कहना है कि वास्तविक कारणों की पुष्टि विस्तृत जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी। फिलहाल दोनों मामलों की गंभीरता से जांच की जा रही है।
प्रशासन ने लोगों से अफवाहों से बचने की अपील की
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले जांच रिपोर्ट का इंतजार करें। अधिकारियों का कहना है कि बच्चों के टीकाकरण और स्वास्थ्य सुरक्षा कार्यक्रम लगातार जारी रहेंगे।