मध्य प्रदेश को अंतरराष्ट्रीय खेल मानचित्र पर स्थापित करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। उज्जैन में बनने जा रहे अंतरराष्ट्रीय स्तर के सिंथेटिक हॉकी टर्फ के भूमिपूजन के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घोषणा की कि 2030 में होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स की कुछ अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्पर्धाएं मध्य प्रदेश में आयोजित कराने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य में विकसित हो रही आधुनिक खेल सुविधाएं प्रदेश को वैश्विक खेल आयोजनों के लिए तैयार कर रही हैं।
उज्जैन में बनेगा अंतरराष्ट्रीय स्तर का हॉकी टर्फ
उज्जैन के नानाखेड़ा स्थित स्वर्गीय राजमाता विजयाराजे सिंधिया खेल परिसर में अंतरराष्ट्रीय स्तर का सिंथेटिक हॉकी टर्फ बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को इसका भूमिपूजन किया। लगभग 48.71 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाला यह टर्फ खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय प्रशिक्षण और प्रतियोगिता का अवसर देगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि आधुनिक सुविधाओं से लैस यह मैदान भविष्य में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट की मेजबानी करने में सक्षम होगा।
2030 कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए प्रदेश की तैयारी
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश में खेल अधोसंरचना तेजी से विकसित की जा रही है। इसी के आधार पर सरकार का प्रयास रहेगा कि 2030 में होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स की कुछ अंतरराष्ट्रीय स्पर्धाएं मध्य प्रदेश में आयोजित हों। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश खेलों के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू रहा है और प्रदेश भी इस दिशा में अपनी मजबूत भागीदारी सुनिश्चित करना चाहता है।
उज्जैन में बनेगी स्विमिंग अकादमी और नया स्टेडियम
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने उज्जैन में प्रदेश की स्विमिंग अकादमी स्थापित करने की घोषणा भी की। साथ ही हमासपुरा क्षेत्र में एक नए स्टेडियम के निर्माण का भी आश्वासन दिया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि स्मार्ट सिटी के माध्यम से विकसित खेल सुविधाओं का बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित किया जाए ताकि खिलाड़ियों को आधुनिक संसाधनों का पूरा लाभ मिल सके।
खेल अधिकारियों को सीएम की सख्त चेतावनी
मुख्यमंत्री ने खेल अधिकारियों को साफ शब्दों में कहा कि खिलाड़ियों के लिए तैयार की जा रही सुविधाओं में किसी भी प्रकार की कमी नहीं रहनी चाहिए।उन्होंने कहा कि एस्ट्रो टर्फ, पैवेलियन और अन्य खेल सुविधाओं की पूरी जांच की जाए और गुणवत्ता से कोई समझौता न किया जाए। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यह प्रदेश की साख का सवाल है और किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
उज्जैन बन रहा खेलों का नया हब
मुख्यमंत्री ने बताया कि उज्जैन में लगातार खेल अधोसंरचना का विस्तार किया जा रहा है। एथलेटिक सिंथेटिक ट्रैक, लॉन टेनिस कोर्ट, फुटबॉल मैदान और बहुउद्देशीय खेल परिसर जैसी सुविधाएं पहले ही विकसित की जा चुकी हैं।
प्रदेश में फिलहाल 18 खेलों की 11 खेल अकादमियां संचालित हो रही हैं, जिनकी बदौलत राज्य के खिलाड़ी अब एशियन गेम्स और ओलंपिक में भी पदक जीतकर प्रदेश का नाम रोशन कर रहे हैं। आने वाले समय में उज्जैन को खेलों का प्रमुख केंद्र बनाने का लक्ष्य रखा गया है।