Mp ujjain isro- मध्यप्रदेश विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में एक बड़ी छलांग लगाने की तैयारी में है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विधानसभा में ऐलान किया है कि राज्य के उज्जैन जिले में इसरो (ISRO) की तर्ज पर एक अत्याधुनिक रिसर्च सेंटर बनाया जाएगा। साथ ही उज्जैन को साइंस सिटी के रूप में विकसित किया जाएगा, जहां भविष्य में विज्ञान, नवाचार और तकनीकी अनुसंधान को बढ़ावा मिलेगा। यह पहल राज्य को वैज्ञानिक प्रगति की नई ऊंचाइयों तक ले जाने की दिशा में एक मजबूत कदम मानी जा रही है।
उज्जैन में इसरो जैसा रिसर्च सेंटर और साइंस सिटी की सौगात
मुख्यमंत्री ने बताया कि उज्जैन में बनने वाला रिसर्च सेंटर न केवल अंतरिक्ष विज्ञान बल्कि मल्टी-डिसिप्लिनरी टेक्नोलॉजी रिसर्च का केंद्र बनेगा। इसके लिए प्लानिंग शुरू कर दी गई है। इसके साथ ही उज्जैन को साइंस सिटी के रूप में विकसित कर वहां विज्ञान प्रदर्शनी, नवाचार केंद्र, डिजिटल प्रयोगशालाएं और वैज्ञानिक शिक्षा के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर को सुविधाएं स्थापित की जाएंगी।
औद्योगिक विकास के साथ विज्ञान को मिल रही प्राथमिकता
राज्य सरकार औद्योगिक विकास के साथ-साथ विज्ञान और टेक्नोलॉजी को भी समान महत्व दे रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मेट्रोपॉलिटन सिटीज़ में इंडस्ट्रियल बेल्ट तय करना हमारी प्राथमिकता है और सरकार रोजगारपरक उद्योगों की स्थापना की दिशा में तेजी से काम कर रही है। रायसेन में रेल कोच फैक्ट्री, पीएम मित्र पार्क जैसी परियोजनाएं इसी विजन का हिस्सा हैं, जिनका भूमि पूजन जल्द ही होगा।
आईटी पार्क और रोजगार के नए अवसर
मुख्यमंत्री ने आगे बताया कि प्रदेश के इंजीनियरिंग कॉलेजों में आईटी पार्क विकसित करने का प्रस्ताव भी तैयार किया गया है। इससे युवाओं को शिक्षा के साथ ही आईटी सेक्टर में काम करने का अवसर मिलेगा। इंदौर और भोपाल जैसे शहरों में स्टूडेंट्स के लिए पढ़ाई और रोजगार दोनों के विकल्प उपलब्ध होंगे।
महिलाओं को मिलेगा रात्रिकालीन कार्य का अधिकार
सरकार ने श्रम कानूनों में बदलाव कर महिलाओं को रात में भी काम करने की अनुमति दे दी है। इसके तहत इंडस्ट्रीज के पास ही हॉस्टल बनाकर उन्हें सुरक्षित वातावरण भी मुहैया कराया जाएगा।