मध्य प्रदेश में अब राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ को लेकर नया अध्याय शुरू होने जा रहा है। केंद्र सरकार द्वारा जारी किए गए ताजा प्रोटोकॉल को राज्य सरकार ने लागू करने की घोषणा कर दी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इसे राष्ट्रीय गौरव और एकता से जुड़ा निर्णय बताते हुए कहा कि प्रदेश में सरकारी कार्यक्रमों, स्कूलों और औपचारिक आयोजनों में अब ‘वंदे मातरम’ के सभी छह छंद पूरे सम्मान के साथ गाए जाएंगे।
केंद्र के नए प्रोटोकॉल का स्वागत
हाल ही में केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ के लिए विस्तृत प्रोटोकॉल जारी किए हैं। इन दिशा-निर्देशों में गीत के सभी छह छंदों को पूर्ण रूप से गाने और राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ से पहले प्रस्तुत करने का प्रावधान शामिल है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि यह ऐतिहासिक कदम राष्ट्र की सांस्कृतिक चेतना को मजबूत करेगा और देशभक्ति की भावना को नई ऊर्जा देगा।
सीएम का भावनात्मक संदेश
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘वंदे मातरम’ केवल एक गीत नहीं, बल्कि राष्ट्रभक्ति की आत्मा है। उन्होंने इसे स्वतंत्रता संग्राम की प्रेरणा और मातृभूमि के प्रति समर्पण का प्रतीक बताया। उनके अनुसार, यह निर्णय बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय की अमर रचना को सच्ची श्रद्धांजलि है और नई पीढ़ी को देश के गौरवशाली इतिहास से जोड़ने का माध्यम बनेगा।
छह छंद गाना होगा अनिवार्य
नए निर्देशों के तहत प्रदेश में आयोजित होने वाले सरकारी समारोहों, शैक्षणिक संस्थानों और अन्य औपचारिक कार्यक्रमों में ‘वंदे मातरम’ के सभी छह छंद अनिवार्य रूप से गाए जाएंगे। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सभी लोगों को खड़े होकर सम्मान देना होगा। राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस निर्णय का त्वरित और पूर्ण पालन सुनिश्चित किया जाएगा।
सांस्कृतिक एकता को मिलेगा बल
विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से प्रदेश में राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक गौरव की भावना और प्रबल होगी। विद्यालयों में विद्यार्थियों के बीच देशभक्ति की भावना को मजबूत करने में यह पहल महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। सरकार का उद्देश्य है कि राष्ट्रगीत के माध्यम से नागरिकों में कर्तव्यबोध और राष्ट्रसेवा का संकल्प जागृत हो।
प्रदेश में जल्द होगा प्रभावी क्रियान्वयन
राज्य प्रशासन को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए जाएंगे कि सभी सरकारी और शैक्षणिक संस्थानों में नए प्रोटोकॉल का पालन हो। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अपील की है कि वे इस पहल को राष्ट्रीय सम्मान का विषय मानते हुए पूर्ण सहयोग करें।