भोपाल, मध्यप्रदेश:मध्य प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र इस वर्ष 28 जुलाई से आरंभ होने जा रहा है, जो 8 अगस्त 2025 तक चलेगा। इस सत्र के दौरान राज्य की मोहन सरकार अपना पहला अनुपूरक बजट पेश करेगी। सूत्रों के अनुसार, यह बजट लगभग 10,000 करोड़ रुपये के दायरे में रहने की संभावना है, जिसमें प्रदेश के बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने के लिए महत्वपूर्ण घोषणाएं की जाएंगी।
क्षतिग्रस्त पुलों और सड़कों पर विशेष फोकस
अनुपूरक बजट में लोक निर्माण विभाग को विशेष महत्व दिया जाएगा। क्षतिग्रस्त पुलों और पुलियों के निर्माण और मरम्मत कार्यों के लिए अतिरिक्त राशि आवंटित की जा सकती है। इसका उद्देश्य प्रदेश में मानसून से प्रभावित क्षेत्रों में यातायात व्यवस्था को सुधारना और आवश्यक संरचनाओं की मरम्मत को गति देना है।
ई-विधान से जुड़ेंगे विधायक, डिजिटल होगी कार्यवाही
इस मानसून सत्र की एक और खास बात यह होगी कि अब विधायक ई-विधान प्रणाली से जुड़ जाएंगे। इसके तहत विधायकों को टैबलेट दिए जाने की तैयारी है, जिनमें सत्र से जुड़ी सभी जानकारी—प्रश्नोत्तर, बजट प्रतिवेदन, विधेयक और सरकारी रिपोर्ट—डिजिटल फॉर्मेट में उपलब्ध होगी। इस पहल का उद्देश्य कार्यवाही को तकनीकी रूप से दक्ष और पेपरलेस बनाना है।
पिछले साल भी जुलाई में हुआ था सत्र
वर्ष 2024 में भी मानसून सत्र जुलाई में ही आयोजित किया गया था, जो निर्धारित समय से पहले समाप्त हो गया था। उस समय 14 बैठकें प्रस्तावित थीं, लेकिन लोकसभा चुनाव की तैयारियों के चलते सरकार मार्च में पूर्ण बजट पेश नहीं कर पाई थी।
डिजिटल गवर्नेंस की दिशा में बड़ा कदम
ई-विधान प्रणाली और तकनीकी एकीकरण मध्यप्रदेश विधानसभा को डिजिटल पारदर्शिता और दक्षता की दिशा में अग्रसर करेगा। इससे न केवल कार्यशैली में आधुनिकता आएगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी सहयोग मिलेगा।