गंदा पानी बना जानलेवा, गांव में दहशत का माहौल। मध्यप्रदेश के गुना जिले के एक गांव में दूषित पानी पीने से गंभीर बीमारी फैल गई है। इस खतरनाक संक्रमण की चपेट में आकर अब तक दो लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 52 से अधिक ग्रामीण बीमार होकर अस्पताल में भर्ती हैं। यह मामला तब सामने आया जब गांव के लोग एक बंद पड़े हैंडपंप से पानी भरकर पीने लगे, जिसके बाद बड़ी संख्या में लोगों को उल्टी-दस्त और डिहाइड्रेशन की शिकायत हुई।
बंद हैंडपंप से आया पानी बना बीमारी का कारण
पठार मोहल्ला और मुहाल कॉलोनी के आसपास रहने वाले ग्रामीणों को पानी की आपूर्ति नहीं हो रही थी। मजबूरी में लोगों ने एक पुराने और लंबे समय से बंद पड़े हैंडपंप से पानी भरना शुरू किया। यह पानी जैसे ही इस्तेमाल में लाया गया, लोगों में एक के बाद एक हैजा जैसे लक्षण दिखने लगे।
स्वास्थ्य विभाग ने की पुष्टि, शुरू किया इलाज
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर पूरे क्षेत्र में जांच शुरू की। संक्रमित लोगों को तुरंत एंबुलेंस से गुना लाकर जिला अस्पताल और निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया। बीमार लोगों में महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों की संख्या ज्यादा है। मृतकों में 75 वर्षीय महिला रामप्यारी सहरिया शामिल हैं, जिनकी मौत की पुष्टि हैजा से हुई है।
पानी की टंकी से शुरू हुई सप्लाई, हैंडपंप की सफाई शुरू
प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से बंद हैंडपंप को सील कर उसकी सफाई शुरू कर दी है। गांव की पानी की टंकी से अब दोबारा आपूर्ति शुरू की गई है ताकि दूषित जल के उपयोग पर रोक लग सके। स्वास्थ्य विभाग की टीम घर-घर जाकर चेकअप कर रही है और जरूरी दवाइयां दी जा रही हैं।
गांव में बढ़ी सतर्कता, लोगों को उबला पानी पीने की सलाह
ग्रामीणों में इस बीमारी को लेकर डर का माहौल है। अधिकारियों ने गांव में सतर्कता बरतते हुए सभी को उबला हुआ पानी पीने और स्वच्छता का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी है। पंचायत स्तर पर जागरूकता अभियान भी शुरू किया गया है। यह घटना साफ दिखाती है कि ग्रामीण क्षेत्रों में जल आपूर्ति व्यवस्था में थोड़ी सी लापरवाही कितनी बड़ी त्रासदी का रूप ले सकती है। स्वास्थ्य विभाग की मुस्तैदी से स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन भविष्य में इस तरह की घटनाएं न हों, इसके लिए स्थायी समाधान बेहद जरूरी है।