मध्य प्रदेश में मानसून की विदाई के बीच मौसम ने फिर करवट ले ली है। सितंबर के अंतिम सप्ताह में भी कई जिलों में तेज बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। मौसम विभाग के मुताबिक अगले 48 घंटे यानी 26 और 27 सितंबर को प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव क्षेत्र और ट्रफ लाइन की सक्रियता से यह बदलाव देखने को मिल रहा है।
मानसून की विदाई हुई धीमी
आमतौर पर सितंबर के तीसरे सप्ताह से प्रदेश में मानसून की विदाई शुरू हो जाती है, लेकिन इस बार यह प्रक्रिया धीमी हो गई है। अब तक नीमच, भिंड, मुरैना और श्योपुर जैसे जिलों से ही मानसून ने अलविदा कहा है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अगले दो से तीन दिनों में 10 से अधिक जिलों से मानसून की पूरी तरह विदाई हो सकती है। इसके बावजूद बंगाल की खाड़ी में बने सिस्टम के कारण कई हिस्सों में बारिश का सिलसिला जारी है।
इन जिलों में भारी बारिश का अनुमान
मौसम पूर्वानुमान के अनुसार, पश्चिमी मध्य प्रदेश के इंदौर, उज्जैन, खरगोन, धार, बड़वानी और रतलाम जिलों में गरज-चमक के साथ तेज हवा चलने की संभावना है। वहीं पूर्वी मध्य प्रदेश के जबलपुर, मंडला, छिंदवाड़ा, बालाघाट, सागर, रीवा और शहडोल में भारी वर्षा के साथ बिजली गिरने और आंधी जैसी स्थिति बन सकती है। राजधानी भोपाल और आसपास के क्षेत्रों में भी अगले दो दिन तक रुक-रुक कर बौछारें पड़ने की चेतावनी दी गई है।
अक्टूबर के पहले सप्ताह तक थमेगा दौर
मौसम विभाग का कहना है कि बारिश का यह सिलसिला अक्टूबर के पहले सप्ताह से धीरे-धीरे थम जाएगा। इसके बाद पूरे प्रदेश में धूप खिलने और मौसम साफ रहने की संभावना है। फिलहाल नागरिकों को सावधानी बरतने और बिजली गिरने के दौरान खुले स्थानों से दूर रहने की सलाह दी गई है।