मध्य प्रदेश में लगातार हो रही झमाझम बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। मौसम विभाग (IMD) ने प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। 7 सितंबर को भी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। वेदर सिस्टम की सक्रियता के चलते उज्जैन, इंदौर, भोपाल, मंदसौर, खंडवा, खरगोन, बुरहानपुर, देवास, नीमच जैसे जिलों में तेज बारिश होने का अनुमान जताया गया है। इस बारिश ने डैमों को लबालब भर दिया है और निचले इलाकों में जलजमाव व ट्रैफिक जाम की स्थिति उत्पन्न हो गई है।
भारी बारिश से प्रभावित जिलों में हालात चिंताजनक
मौसम विभाग की चेतावनी के अनुसार, उज्जैन, इंदौर, बड़वानी, बैतूल, देवास, बुरहानपुर, खरगोन, खंडवा, मंदसौर, नीमच, भोपाल, रायसेन समेत कई जिलों में अगले 24 घंटे में भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। इसके अलावा ग्वालियर-चंबल संभाग और जबलपुर क्षेत्र में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बनी हुई है। विशेष रूप से इंदौर और उज्जैन में डैम भी भरकर ओवरफ्लो हो चुके हैं। भोपाल में भारी बारिश के कारण भदभदा डैम के गेट खोलने पड़े हैं। विशेषज्ञों ने लोगों से नदियों, तालाबों के किनारे न जाने और आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी है।
मानसून बना बना आफत का कारण
वर्तमान समय में मध्य प्रदेश में दो स्ट्रॉन्ग वेदर सिस्टम सक्रिय हैं, जिनकी वजह से प्रदेश भर में लगातार झमाझम बारिश हो रही है। इस वर्ष अब तक प्रदेश में कुल 40.6 इंच बारिश हो चुकी है, जबकि सामान्यतः इसी समय तक 32.8 इंच ही होनी थी। यानी इस बार 111 प्रतिशत अधिक बारिश हुई है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून फिलहाल एक्टिव बना हुआ है, जिससे अगले पूरे हफ्ते तक हल्की से मध्यम बारिश का सिलसिला बना रहेगा। इसके चलते निचले इलाकों में जलजमाव की समस्या गंभीर रूप से बनी हुई है, वहीं ट्रैफिक व्यवस्था भी अस्त-व्यस्त हो चुकी है।
सावधानियों के साथ रहना अनिवार्य
मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि आने वाले समय में भी भारी बारिश का दौर जारी रहेगा। विशेष रूप से उज्जैन, इंदौर, भोपाल, मंदसौर, बुरहानपुर जैसे जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। सभी नागरिकों को नदियों व तालाबों के किनारे जाने से परहेज करना चाहिए। साथ ही जरूरी सेवाओं और रेस्क्यू ऑपरेशनों की तैयारियां भी तेज कर दी गई हैं। प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीम लगातार सक्रिय हैं, ताकि किसी अप्रत्याशित स्थिति से निपटा जा सके।