मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर पूरी रफ्तार में लौट आया है। प्रदेश के कई हिस्सों में लगातार बारिश का दौर जारी है और मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों के लिए कई जिलों में भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश के ऊपर सक्रिय चक्रवातीय परिसंचरण, ट्रफ लाइन और बंगाल की खाड़ी से मिल रही नमी के कारण बारिश की गतिविधियां तेज बनी हुई हैं।
भोपाल-इंदौर समेत कई जिलों में आज बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार राजधानी भोपाल, इंदौर सहित प्रदेश के अधिकांश जिलों में बुधवार को गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। कई इलाकों में मध्यम से तेज बारिश हो सकती है, जबकि कुछ स्थानों पर भारी वर्षा की भी चेतावनी जारी की गई है। बीते दो दिनों से जारी बारिश का सिलसिला अभी थमने के संकेत नहीं हैं।
सीधी और रायसेन में सबसे ज्यादा बरसे बादल
पिछले 24 घंटों के दौरान सबसे अधिक बारिश सीधी जिले के मझौली क्षेत्र में 124.4 मिलीमीटर दर्ज की गई। इसके अलावा सिहावल में 118.6 मिमी और रायसेन के गैरतगंज में 118 मिमी बारिश रिकॉर्ड हुई। मऊगंज, राजगढ़, सागर, गुना, विदिशा और अन्य जिलों में भी अच्छी बारिश दर्ज की गई। भोपाल में भी रुक-रुककर बारिश का दौर जारी है और तापमान में गिरावट महसूस की गई।
कई संभागों में तापमान गिरा, किसानों को राहत
ग्वालियर, सागर, रीवा, शहडोल, जबलपुर और इंदौर संभाग के अधिकांश जिलों में मध्यम स्तर की बारिश हुई है। लगातार वर्षा के कारण प्रदेश के कई हिस्सों में तापमान लगभग चार डिग्री सेल्सियस तक गिर गया है। बारिश से खरीफ फसलों को फायदा मिलने की उम्मीद है और जिन क्षेत्रों में बुवाई बाकी थी, वहां किसानों को राहत मिली है।
एक साथ एक्टिव हुए कई मौसम सिस्टम
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश के ऊपर बने ऊपरी हवा के चक्रवातीय परिसंचरण, प्रदेश से गुजर रही ट्रफ लाइन और बंगाल की खाड़ी से लगातार मिल रही नमी के कारण प्रदेश में बारिश का मजबूत सिस्टम बना हुआ है। यही वजह है कि अगले 24 से 48 घंटे तक अधिकांश जिलों में बारिश की गतिविधियां बनी रहने की संभावना है।
अगले चार दिन तक जारी रह सकता है बारिश का दौर
मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि अगले चार दिनों तक प्रदेश में मानसून सक्रिय रहेगा। पूर्वी और मध्य मध्य प्रदेश के कुछ इलाकों में भारी से अति भारी बारिश हो सकती है, जबकि पश्चिमी जिलों में मध्यम से तेज वर्षा होने का अनुमान है। ऐसे में लोगों को मौसम विभाग की सलाह का पालन करने और खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की सलाह दी गई है।