जनवरी के आखिरी दिनों में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। उत्तर–पश्चिम भारत में सक्रिय हो रहा नया पश्चिमी विक्षोभ जल्द ही मध्य प्रदेश पर असर दिखाएगा। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक फरवरी की शुरुआत में बारिश और ठंडी हवाओं का दौर लौट सकता है, जिससे दिन और रात दोनों के तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी और लोगों को फिर से सर्दी का एहसास होगा।
30 जनवरी से सक्रिय होगा नया सिस्टम
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार उत्तर–पश्चिम भारत में 30 जनवरी को नया सिस्टम सक्रिय हो रहा है, जिसका असर एक–दो दिन बाद मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में दिखाई देगा। इससे बादल छाने, हल्की से मध्यम बारिश होने और कुछ क्षेत्रों में ठंडी हवाएं चलने की संभावना है। सागर समेत आसपास के जिलों में इसका प्रभाव ज्यादा देखने को मिल सकता है।
तापमान में 2 से 3 डिग्री की गिरावट संभव
बारिश और शीतलहर की वजह से प्रदेश में अधिकतम और न्यूनतम तापमान दोनों में गिरावट आने की संभावना जताई गई है। अनुमान है कि पारा 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक नीचे जा सकता है। इससे रातें ज्यादा ठंडी होंगी और सुबह–शाम सर्द हवाओं का असर बढ़ेगा।
दिन में भी चली सर्द हवाएं
गुरुवार को शहर में ठंडी हवाएं चलती रहीं, जिससे दिन का तापमान सामान्य से नीचे दर्ज किया गया। अधिकतम तापमान 22.8 डिग्री सेल्सियस रहा, जो औसत से करीब 3 डिग्री कम है। वहीं न्यूनतम तापमान 12.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पिछले 24 घंटों में अधिकतम और न्यूनतम दोनों तापमान में लगभग 3–3 डिग्री की गिरावट देखने को मिली है।
फरवरी की शुरुआत में बढ़ेगी ठंड
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि फरवरी के शुरुआती दिनों में बारिश के साथ–साथ शीतलहर जैसी स्थिति बन सकती है। बादल और हवाओं के चलते धूप कमजोर पड़ेगी, जिससे दिन के तापमान में और गिरावट आ सकती है। लोगों को गर्म कपड़ों का इस्तेमाल जारी रखने और सुबह–शाम सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
किसानों और आमजन पर पड़ेगा असर
मौसम में इस बदलाव का असर खेती–किसानी पर भी पड़ सकता है। बारिश से कुछ फसलों को फायदा हो सकता है, लेकिन तेज ठंड और हवाओं से नुकसान की आशंका भी बनी रहेगी। वहीं आम लोगों के लिए भी यह समय सतर्क रहने का है, खासकर बुजुर्गों और बच्चों को ठंड से बचाने की जरूरत होगी।