मध्यप्रदेश में सर्दी ने इस बार अपनी मौजूदगी का अहसास कुछ ज्यादा ही तीखे अंदाज में कराया है। राज्य के उत्तरी और पूर्वी हिस्सों में घना कोहरा और शीतलहर आम जनजीवन पर भारी पड़ रही है। सुबह की शुरुआत धुंध की मोटी परत के साथ हो रही है, तो दिनभर ठंड की गलन लोगों को घरों में कैद रहने पर मजबूर कर रही है। कई इलाकों में हालात इतने खराब हैं कि सड़कों पर चलना जोखिम भरा हो गया है।
20 से ज्यादा जिलों में घना कोहरा
शनिवार को मध्यप्रदेश के ग्वालियर-चंबल, रीवा, सागर, जबलपुर और शहडोल संभाग के करीब 20 जिलों में सुबह से ही घना कोहरा छाया रहा। कई स्थानों पर रात के समय भी कोहरे की चादर बनी रही, जिससे सड़क यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ। वाहन चालकों को दिन में भी हेडलाइट जलाकर चलना पड़ा।
रीवा में सिर्फ 50 मीटर विजिबिलिटी
कोहरे का सबसे ज्यादा असर रीवा में देखने को मिला, जहां दृश्यता घटकर महज 50 मीटर रह गई। हालात ऐसे थे कि थोड़ी दूरी के बाद सड़क और सामने की गतिविधियां नजर नहीं आ रही थीं। खजुराहो में तो स्थिति और गंभीर रही, जहां विजिबिलिटी शून्य दर्ज की गई। दमोह, नरसिंहपुर और सीधी में भी दृश्यता 200 मीटर से 1 किलोमीटर के बीच रही, जबकि भोपाल, उज्जैन और रतलाम में 2 से 4 किलोमीटर तक सिमटी।
ठंड ने रोकी ट्रेनों की रफ्तार
कोहरे और ठंड का सीधा असर रेल सेवाओं पर भी पड़ा। दिल्ली और उत्तर भारत से आने वाली कई ट्रेनें घंटों देरी से चलीं। मालवा एक्सप्रेस करीब 6 घंटे लेट रही, जबकि झेलम एक्सप्रेस लगभग साढ़े 9 घंटे देरी से पहुंची। यात्रियों को स्टेशनों पर लंबा इंतजार करना पड़ा।
ग्वालियर में कोल्ड डे, शहडोल में गलन
ग्वालियर में दिनभर कोल्ड डे जैसे हालात बने रहे, जहां अधिकतम तापमान 19.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। शहडोल में ठंडी हवाओं के कारण दिन में धूप निकलने के बावजूद गलन बनी रही। लोग अलाव और गर्म कपड़ों का सहारा ले रहे हैं, लेकिन ठंड का असर कम होने का नाम नहीं ले रहा।
राहगीरों और मजदूरों की बढ़ी परेशानी
ठंड के चलते खासतौर पर रात में काम करने वाले मजदूरों, ऑटो चालकों और राहगीरों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कुछ इलाकों में अलाव की व्यवस्था को लेकर नाराजगी भी सामने आई है। बढ़ती ठंड के साथ सर्दी-जुकाम और अन्य बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है।
आगे भी राहत के आसार कम
मौसम के जानकारों के मुताबिक आने वाले कुछ दिनों तक कोहरा और शीतलहर से राहत मिलने की संभावना कम है। लोगों को सतर्क रहने, अनावश्यक यात्रा से बचने और ठंड से बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी जा रही है।