मध्य प्रदेश में एक बार फिर मौसम करवट लेने जा रहा है। पहाड़ी इलाकों में हो रही भारी बर्फबारी और सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के चलते प्रदेश में ठंडी हवाओं का असर बढ़ गया है। कई जिलों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से नीचे पहुंच गया है, जबकि 1 और 2 फरवरी को गरज-चमक के साथ हल्की बारिश की संभावना जताई गई है।
राजगढ़ में सबसे कम तापमान, शीतलहर का असर
बीती रात प्रदेश में सबसे कम न्यूनतम तापमान 3 डिग्री सेल्सियस राजगढ़ जिले में दर्ज किया गया। यहां शीतलहर जैसी स्थिति बनी रही। इसके अलावा कई अन्य जिलों में भी पारा तेजी से लुढ़का है। मौसम के अचानक बदले तेवरों से लोग ठंड से बचने के उपाय करने को मजबूर हैं, वहीं सुबह और रात के समय सर्दी का असर ज्यादा महसूस किया जा रहा है।
19 जिलों में पारा 10 डिग्री से नीचे
प्रदेश के करीब 19 जिलों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे रिकॉर्ड किया गया है। दमोह, नौगांव, रीवा और टीकमगढ़ जैसे इलाकों में दिन के समय भी ठंडक बनी रही, जिसे शीतल दिन की श्रेणी में रखा गया है। लगातार गिरते तापमान ने किसानों और आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है।
पश्चिमी विक्षोभ से बदलेगा मौसम
मौसम विभाग के अनुसार, ईरान के उत्तर-पूर्वी क्षेत्र के पास एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ बना हुआ है, जिसका असर धीरे-धीरे मध्य भारत तक पहुंच रहा है। शनिवार रात से बादल छाने लगेंगे और रविवार से कई जगहों पर हल्की बारिश हो सकती है। बारिश का यह सिलसिला 1 और 2 फरवरी तक जारी रहने की संभावना है।
ऊपरी हवा में सिस्टम और तेज जेट स्ट्रीम
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, पूर्वोत्तर असम के ऊपर ऊपरी हवा में चक्रवातीय परिसंचरण बना हुआ है। इसके साथ ही उत्तर-पश्चिम भारत के ऊपर करीब 12.6 किलोमीटर की ऊंचाई पर तेज पश्चिमी जेट स्ट्रीम हवाएं चल रही हैं, जिनकी रफ्तार लगभग 200 किलोमीटर प्रति घंटा बताई जा रही है। 2 फरवरी से एक नया पश्चिमी विक्षोभ भी सक्रिय होने की संभावना है।
गरज-चमक के साथ हल्की बारिश के आसार
विशेषज्ञों का कहना है कि शनिवार से बादल बढ़ने के कारण कड़ाके की ठंड से कुछ राहत मिल सकती है, लेकिन इसके साथ ही बारिश और बिजली चमकने की संभावना भी रहेगी। रविवार और सोमवार को प्रदेश के अधिकतर शहरों में हल्की बारिश हो सकती है, जिससे तापमान में उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा।