मध्यप्रदेश इस समय कड़ाके की ठंड की चपेट में है। दिसंबर की शुरुआत से ही लगातार गिर रहा तापमान अब रिकॉर्ड तोड़ स्तर पर पहुंच गया है। कई जिलों में शीतलहर जारी है और पारा कई शहरों में 3 से 7 डिग्री तक दर्ज किया गया। हिमालयी क्षेत्रों में पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता, जेट स्ट्रीम की रफ्तार और उत्तरी बर्फीली हवाओं के चलते प्रदेश में ठिठुरन चरम पर है। आने वाले दिनों में भी ठंड से राहत की उम्मीद नहीं है।
तापमान में तेजी से गिरावट, कई शहर 10 डिग्री से नीचे
मध्यप्रदेश में पिछले एक सप्ताह से न्यूनतम तापमान में तेज गिरावट दर्ज की जा रही है। इंदौर, भोपाल, ग्वालियर और रीवा जैसे बड़े शहरों में रात का पारा सामान्य से काफी नीचे पहुंच गया। इंदौर में तापमान 5.4 डिग्री, भोपाल में 6.8 डिग्री और उज्जैन में 8.7 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। लगातार चल रही शीतलहर के कारण लोगों को रात और सुबह के समय कड़ाके की ठंड का सामना करना पड़ रहा है।
सीजन की पहली सबसे कड़ी ठंड, पारा 3 डिग्री तक पहुंचा
प्रदेश का सबसे ठंडा इलाका शहडोल का कल्याणपुर रहा, जहां सीजन में पहली बार पारा 3 डिग्री तक गिर गया। उमरिया में 4.9 डिग्री और पचमढ़ी-राजगढ़ में 5.2 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। रीवा, मंडला, नौगांव और रायसेन में भी पारा 7 डिग्री के आसपास रहा। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि यह ठंड सामान्य से अधिक है और दिसंबर के बाकी दिनों में भी इसी तरह का मौसम बना रहेगा।
पश्चिमी विक्षोभ और जेट स्ट्रीम से बढ़ी ठिठुरन
हिमालयी क्षेत्रों में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और उत्तर भारत में जेट स्ट्रीम की तेज रफ्तार इस बार ठंड को और तीखा बना रही है। 12 किलोमीटर की ऊंचाई पर लगभग 222 किमी प्रति घंटे की गति से बह रही जेट स्ट्रीम बर्फीली हवाओं को सीधा मध्यप्रदेश की ओर ला रही है। इन हवाओं के कारण न्यूनतम तापमान में तेज गिरावट आ रही है और प्रदेश में शीतलहर का असर दोगुना हो गया है।
समय से पहले हुई बर्फबारी ने बढ़ाई ठंड की मार
हिमाचल, जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड में इस बार समय से पहले हुई भारी बर्फबारी का असर मध्यप्रदेश तक देखने को मिल रहा है। पहाड़ों से आ रही ठंडी हवा लगातार प्रदेश की ओर बढ़ रही है। इसके कारण कई जिलों में कोल्ड वेव की स्थिति लगातार बनी हुई है। सुबह-शाम को घना कोहरा भी छाने लगा है, जिससे दृश्यता और तापमान दोनों में गिरावट दर्ज हो रही है।
टूट रहे पुराने रिकॉर्ड, आगे भी जारी रहेगा ठंड का दौर
इस सीजन में भोपाल ने नवंबर में 84 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ा था, जब लगातार 15 दिन शीतलहर चली। दिसंबर में भी कई शहरों में 10 साल पुराने रिकार्ड टूट रहे हैं। मौसम विभाग के अनुसार, दिसंबर और जनवरी दोनों माह ठंड के चरम समय होते हैं और जनवरी में 20 से 22 दिन तक शीतलहर चलने की संभावना है। फिलहाल प्रदेश में ठंड का दौर जारी रहेगा और नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।