मध्य प्रदेश में ठंड का असर लगातार बढ़ रहा है। मौसम विभाग के मुताबिक, इस समय प्रदेश में दो मौसमी सिस्टम सक्रिय हैं, जिसकी वजह से कई जिलों में बादल और कोहरा छाया हुआ है। विंध्य क्षेत्र में दृश्यता कम होने लगी है, जबकि नर्मदापुरम का पचमढ़ी सबसे ठंडा रहा। फिलहाल 5 दिनों तक शीतलहर नहीं चलेगी, लेकिन रातें कड़ाके की ठंड वाली रहेंगी। दिसंबर के पहले हफ्ते में एक बार फिर तेज सर्दी लौटने की संभावना है।
कई जिलों में बादल और कोहरे का असर
प्रदेश में सक्रिय दो सिस्टम के कारण मौसम में बदलाव बना हुआ है। दिन में बादल छाए रहने से धूप कमजोर पड़ी है, जबकि विंध्य क्षेत्र के कई इलाकों में गहरा कोहरा देखने को मिल रहा है। इससे सुबह-सुबह तापमान में गिरावट दर्ज की गई।
पचमढ़ी बना सबसे ठंडा स्थान
नर्मदापुरम जिले का पचमढ़ी रात में ठंड का केंद्र बना रहा। यहां न्यूनतम तापमान 5.6°C दर्ज किया गया। इसके अलावा नौगांव में 8.2°C, नरसिंहपुर और मंदसौर में 8.6°C, शाजापुर में 8.8°C और राजगढ़ में 9°C तापमान रिकॉर्ड किया गया।
बड़े शहरों में भी बढ़ रही सर्दी
मध्य प्रदेश के प्रमुख शहर भी ठंड की गिरफ्त में हैं। भोपाल में रात का तापमान 9.4°C रहा। इंदौर में 11.7°C, ग्वालियर में 12.1°C, जबलपुर में 12.2°C और उज्जैन में 12.5°C तापमान दर्ज किया गया, जिससे सुबह और रात का समय खासा सर्द महसूस हुआ।
पांच दिन शीतलहर का खतरा नहीं
अगले 5 दिनों तक प्रदेश में शीतलहर का कोई अलर्ट नहीं है, लेकिन बादल और ठंडी हवाओं के कारण तापमान में खास बढ़ोतरी की उम्मीद भी नहीं है। रातें अभी भी सामान्य से ठंडी रहेंगी।
दिसंबर से बढ़ेगी कड़ाके की ठंड
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार दिसंबर के पहले सप्ताह से एक बार फिर ठंड का दौर तेज होगा। जैसे-जैसे बादल छटेंगे, तापमान में और गिरावट आएगी और उत्तर भारत से आने वाली हवाएं प्रदेश में कड़ाके की सर्दी बढ़ा देंगी।