मध्य प्रदेश में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ लाइन के सक्रिय होने से कई जिलों में तेज आंधी, गरज-चमक और बारिश का दौर शुरू हो गया है। इसका असर धार्मिक और सामाजिक आयोजनों पर भी देखने को मिला है। आने वाले कुछ दिनों तक मौसम ऐसे ही बदलता रहेगा, जिससे लोगों को गर्मी से राहत तो मिलेगी, लेकिन सतर्क रहने की जरूरत भी बढ़ गई है।
साइक्लोनिक सिस्टम से बदला प्रदेश का मौसम
प्रदेश में सक्रिय साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ लाइन ने मौसम का पूरा पैटर्न बदल दिया है। उत्तर, पूर्व और मध्य मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में बादल छाए हुए हैं और तेज हवाओं के साथ बारिश हो रही है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार यह सिस्टम अभी कुछ दिन और सक्रिय रहेगा, जिससे मौसम में उतार-चढ़ाव बना रहेगा।
चित्रकूट में तेज बारिश से प्रभावित हुए आयोजन
सतना जिले के चित्रकूट क्षेत्र में शुक्रवार शाम अचानक मौसम बदला और तेज आंधी के साथ भारी बारिश शुरू हो गई। इसका असर धार्मिक आयोजनों पर पड़ा, जहां रामनवमी के कार्यक्रमों में पानी भर गया और कई व्यवस्थाएं बाधित हो गईं। स्थानीय लोगों को असुविधा का सामना करना पड़ा।
20 जिलों में गरज-चमक और आंधी का येलो अलर्ट
मौसम विभाग ने ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, डिंडौरी, कटनी, जबलपुर, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी और मैहर सहित 20 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में तेज हवाओं, बिजली गिरने और बारिश की संभावना जताई गई है।
तापमान में गिरावट, गर्मी से मिलेगी राहत
लगातार हो रही बारिश और बादलों की वजह से तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है। इससे लोगों को तेज गर्मी से राहत मिलेगी। हालांकि, अचानक बदलते मौसम के कारण स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी बढ़ सकती हैं।
किसानों के लिए सलाह और अगले दिनों का पूर्वानुमान
मौसम विशेषज्ञों ने किसानों को फसल को सुरक्षित रखने के लिए सतर्क रहने की सलाह दी है। 29 से 31 मार्च के बीच प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश और आंधी की गतिविधियां जारी रह सकती हैं। ऐसे में खुले में रखी फसलों को सुरक्षित स्थान पर रखने और बिजली गिरने से बचाव के उपाय करने की जरूरत है।