मध्य प्रदेश में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। गुना जिले के सिंगवासा में 700 करोड़ रुपए की लागत से एक अत्याधुनिक और पर्यावरण अनुकूल विश्वविद्यालय – क्रांतिवीर तात्याटोपे ग्रीन यूनिवर्सिटी – की स्थापना होने जा रही है। यह विश्वविद्यालय ग्रीन कंसेप्ट पर आधारित होगा और प्रदेश के अन्य विश्वविद्यालयों से बिलकुल अलग नज़र आएगा। इस प्रोजेक्ट के लिए 122 हेक्टेयर जमीन आवंटित हो चुकी है और निर्माण कार्य जल्द शुरू होगा। पहले चरण में 340 करोड़ और दूसरे चरण में 150 करोड़ रुपए की राशि जारी की जा चुकी है। निर्माण के लिए नक्शा तैयार कर लिया गया है और वर्ष 2026 तक यह पूरी तरह तैयार हो जाएगा। गुना, अशोकनगर और शिवपुरी जिलों के छात्र लंबे समय से स्थानीय यूनिवर्सिटी की मांग कर रहे थे, क्योंकि जीवाजी विश्वविद्यालय की दूरी बहुत अधिक थी। अब इस नई यूनिवर्सिटी के निर्माण से न केवल छात्रों को फायदा मिलेगा, बल्कि क्षेत्र की शैक्षणिक पहचान भी मजबूत होगी।
ग्रीन कैंपस, स्मार्ट फैसिलिटीज
तात्याटोपे विश्वविद्यालय को पूरी तरह ग्रीन कंसेप्ट पर तैयार किया जा रहा है, जिसमें सोलर एनर्जी, वाटर हार्वेस्टिंग, और ईको-फ्रेंडली बिल्डिंग्स शामिल होंगी। सिंगवासा में 122 हेक्टेयर भूमि पर बनने वाला यह विवि MP का एक प्रमुख शैक्षणिक केंद्र बनेगा, जहां शासकीय और निजी कॉलेजों का संचालन होगा।
छात्रों की जीत, दूरी की हार
गुना से जीवाजी विश्वविद्यालय की दूरी अधिक होने के कारण स्थानीय छात्रों को वर्षों से परेशानी थी। अब नई यूनिवर्सिटी उनके दरवाजे तक शिक्षा लाएगी। अब तक इस प्रोजेक्ट के लिए 490 करोड़ रुपए जारी किए जा चुके हैं, और शेष 210 करोड़ अगली किश्त में मिलेंगे। काम की गति को तेज किया जा रहा है।
2024 से शुरू होंगी PG क्लासेस
इस साल से तात्याटोपे विश्वविद्यालय में विभिन्न संकायों की पीजी कक्षाएं शुरू की जाएंगी। भविष्य में परीक्षाओं और सभी शिक्षण गतिविधियों का संचालन यहीं से होगा।