मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल एक अनूठे लोकतांत्रिक आयोजन का गवाह बनने जा रही है, जहां युवा जनप्रतिनिधि भविष्य के भारत की दिशा तय करने पर मंथन करेंगे। 30 और 31 मार्च 2026 को आयोजित इस विशेष सम्मेलन में मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ के 70 से अधिक युवा विधायक शामिल होंगे। 45 वर्ष से कम आयु के ये जनप्रतिनिधि अपने-अपने क्षेत्रों की सफलता की कहानियां साझा करेंगे और आने वाली चुनौतियों पर विचार-विमर्श करेंगे।
पहली बार हो रहा विशेष युवा सम्मेलन
मध्य प्रदेश विधानसभा की पहल पर पहली बार इस तरह का अंतरराज्यीय युवा विधायक सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है। यह आयोजन न केवल तीन राज्यों के जनप्रतिनिधियों को एक मंच पर लाएगा, बल्कि उनके अनुभवों और नवाचारों को साझा करने का अवसर भी देगा। इससे बेहतर प्रशासनिक मॉडल और नीतिगत सोच विकसित होने की उम्मीद है।
‘सक्सेस स्टोरी’ से सीखने का मौका
सम्मेलन में शामिल युवा विधायक अपने-अपने क्षेत्रों में किए गए विकास कार्यों और नवाचारों को प्रस्तुत करेंगे। इन ‘सक्सेस स्टोरी’ के माध्यम से अन्य विधायक भी प्रेरणा ले सकेंगे और अपने क्षेत्र में लागू करने योग्य मॉडल तैयार कर पाएंगे। यह पहल जमीनी स्तर पर बदलाव लाने की दिशा में अहम मानी जा रही है।
लोकतांत्रिक मूल्यों और संसदीय प्रणाली पर मंथन
कार्यक्रम का प्रमुख फोकस संसदीय प्रणाली, लोकतांत्रिक मूल्यों और विधायी कार्यशैली को मजबूत करना रहेगा। युवा नेताओं को विधायी प्रक्रिया की बारीकियों से अवगत कराया जाएगा, जिससे वे भविष्य में अधिक प्रभावी भूमिका निभा सकें।
विकसित भारत @2047 पर रणनीति
सम्मेलन में ‘विकसित भारत @2047’ के लक्ष्य को लेकर भी विशेष चर्चा होगी। युवा विधायक इस लक्ष्य को हासिल करने में आने वाली चुनौतियों और संभावनाओं पर मंथन करेंगे। यह चर्चा देश के दीर्घकालिक विकास के लिए अहम दिशा तय कर सकती है।
मार्गदर्शन और सहयोग का मंच
कार्यक्रम में लोकसभा अध्यक्ष Om Birla की संभावित उपस्थिति इसे और खास बनाएगी। उनके मार्गदर्शन से युवा विधायकों को संसदीय परंपराओं और जिम्मेदारियों की गहरी समझ मिलेगी। साथ ही, यह सम्मेलन तीन राज्यों के बीच सहयोग और समन्वय को भी मजबूत करेगा।