भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में कई अहम प्रस्तावों पर मुहर लगी। बैठक की शुरुआत राष्ट्रगीत वंदे मातरम् के साथ हुई और इसके बाद जनता से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की गई। इस दौरान कैबिनेट मंत्रियों ने किसानों, युवाओं और आम नागरिकों के लिए योजनाओं को तेज़ी से लागू करने पर सहमति जताई। साथ ही उद्योग, पर्यटन और बुनियादी ढांचे के विकास को गति देने वाले निर्णय भी लिए गए।
किसानों और युवाओं पर विशेष ध्यान
बैठक में यह तय किया गया कि कृषि क्षेत्र और कॉटन इंडस्ट्री को पुनर्जीवित करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे। युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन को बढ़ावा देने पर ज़ोर दिया गया। धार में आयोजित होने वाले पीएम मित्रा पार्क रोड शो से प्रदेश में 3 लाख से अधिक नौकरियों के अवसर बनने की उम्मीद जताई गई।
खेल और शिक्षा को मिला प्रोत्साहन
बैठक के दौरान मध्य प्रदेश की खेल प्रतिभाओं का जिक्र किया गया। फुटबॉल खिलाड़ियों की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कोचिंग की तैयारी पर सहमति बनी। साथ ही शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में वैदिक घड़ी का अनावरण करते हुए उज्जैन को काल गणना का केंद्र घोषित किया गया।
उद्योग और निवेश में बढ़त
ग्वालियर में आयोजित कॉन्क्लेव में 3200 करोड़ से अधिक का निवेश आकर्षित किया गया। वहीं पर्यटन क्षेत्र में हजारों करोड़ रुपये के समझौते (MoU) किए गए, जिससे प्रदेश में रोजगार और इंफ्रास्ट्रक्चर को गति मिलेगी।
जल जीवन मिशन और आधारभूत संरचना
कैबिनेट ने नल-जल योजना को लेकर बड़ा फैसला लिया। 80 हजार करोड़ के बजट के साथ 9000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि स्वीकृत की गई। इसके तहत 27,990 एकल गांव और 148 समूह जल योजनाओं को मंजूरी दी गई। साथ ही उज्जैन हरीफाटक पर 371 करोड़ की लागत से ROB निर्माण और इंदौर-उज्जैन हाईटेक रोड के लिए 2935.15 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई। नर्मदापुरम-टिमरनी मार्ग के लिए भी 972.16 करोड़ रुपये मंजूर किए गए।