भोपाल में मंगलवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में आयोजित मध्य प्रदेश कैबिनेट बैठक में राज्य के विकास से जुड़े कई अहम प्रस्तावों पर मुहर लगी। इस बैठक में किसानों, शिक्षकों, वाहन खरीदारों और शहरी नागरिकों को सीधे लाभ पहुंचाने वाले फैसले लिए गए। सिंचाई परियोजनाओं से लेकर सोलर नीति और टैक्स में छूट तक, सरकार ने कई बड़ी सौगातों का ऐलान किया।
ग्वालियर-उज्जैन वाहन मेले में टैक्स में बड़ी राहत
कैबिनेट बैठक में परिवहन विभाग के प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए ग्वालियर व्यापार मेला 2026 और उज्जैन वाहन मेले में ऑटोमोबाइल की खरीद पर परिवहन कर और आरटीओ फीस में 50 प्रतिशत की छूट देने का फैसला लिया गया। इस निर्णय से आम लोगों को सस्ते दामों पर वाहन खरीदने का मौका मिलेगा और ऑटोमोबाइल सेक्टर को भी बढ़ावा मिलेगा।
सिंचाई परियोजनाओं को मिली हरी झंडी, किसानों को फायदा
राजगढ़ जिले की सहारनपुर तहसील की सिंचाई परियोजना के लिए 600 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। इस परियोजना से 11,022 हेक्टेयर भूमि में सिंचाई होगी और 10 हजार से अधिक किसान परिवारों को लाभ मिलेगा। वहीं सुल्तानपुर सिंचाई परियोजना के लिए 115 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं, जिससे 5,700 हेक्टेयर कृषि भूमि सिंचित होगी। बरेली क्षेत्र में भी 386 करोड़ रुपये की परियोजना से 20 हजार किसानों को राहत मिलेगी।
सोलर नीति और ऊर्जा क्षेत्र में बड़ा कदम
मध्य प्रदेश कैबिनेट ने राज्य की नई सोलर नीति को मंजूरी दी है। इसके तहत 4 घंटे के लिए 300 मेगावाट और 6 घंटे की ऊर्जा आपूर्ति से जुड़ी योजना को स्वीकृति मिली है। सरकार का दावा है कि इससे लोएस्ट टैरिफ पर बिजली उपलब्ध होगी, जिससे उपभोक्ताओं को सीधा लाभ मिलेगा।
शिक्षकों को प्रमोशन की सौगात
कैबिनेट बैठक में शिक्षकों के लिए भी बड़ा निर्णय लिया गया। लंबे समय से लंबित प्रमोशन प्रक्रिया को हरी झंडी दी गई है। इससे करीब सवा तीन लाख शिक्षकों को फायदा होगा। प्रमोशन के बाद शिक्षकों को हर महीने 3 हजार से 5 हजार रुपये तक का अतिरिक्त लाभ मिलेगा।
अमृत योजना और ई-कैबिनेट की नई शुरुआत
सरकार ने अमृत योजना के लिए 5 हजार करोड़ रुपये का बजट मंजूर किया है, जिसका उपयोग सीवेज सिस्टम और पाइपलाइन नेटवर्क को मजबूत करने में किया जाएगा। इसके साथ ही राज्य में ई-कैबिनेट की शुरुआत भी की गई, जहां मंत्रियों ने डिजिटल स्क्रीन पर ही एजेंडा देखा और पारंपरिक फाइलों की जरूरत नहीं पड़ी।