मध्य प्रदेश में साइबर अपराध का एक नया और खतरनाक चेहरा सामने आया है, जिसे ‘हेलो क्राइम’ नेटवर्क कहा जा रहा है। झारखंड के जामताड़ा की तर्ज पर चल रहे इस गिरोह ने निवाड़ी जिले के एक गांव को अपना ठिकाना बनाकर प्रदेशभर में युवक-युवतियों को निशाना बनाया। अशोकनगर में हुई कार्रवाई के बाद इस संगठित अपराध की परतें खुलने लगी हैं।
निवाड़ी से ऑपरेट हो रहा संगठित नेटवर्क
जांच में सामने आया है कि निवाड़ी जिले का थोना गांव इस ‘हेलो क्राइम’ गिरोह का मुख्य केंद्र बन चुका था। यहीं से बैठकर आरोपी फर्जी सिम कार्ड के जरिए प्रदेश के अलग-अलग जिलों में लोगों से संपर्क करते थे। आकर्षक बातचीत, नकली पहचान और सोशल मीडिया प्रोफाइल के जरिए युवाओं को भरोसे में लिया जाता, फिर धीरे-धीरे उन्हें मानसिक दबाव और ब्लैकमेलिंग के जाल में फंसा दिया जाता था।
हनीट्रैप और धमकी का दोहरा खेल
गिरोह की रणनीति बेहद सुनियोजित थी। पुरुषों को प्रेमजाल में फंसाकर उनसे पैसे ऐंठे जाते, जबकि महिलाओं को अश्लील संदेश और कॉल के जरिए डराया-धमकाया जाता था। बदनामी के भय से पीड़ित चुपचाप मांगें पूरी करते रहते। आरोपी लगातार नए नंबर बदलते थे, जिससे उन्हें ट्रेस करना मुश्किल हो जाता था।
शिकायत से हुआ पूरे रैकेट का खुलासा
इस नेटवर्क का भंडाफोड़ तब हुआ जब अशोकनगर जिले के शाढ़ौरा क्षेत्र के सेमरी गांव की एक महिला ने थाने में शिकायत दर्ज कराई। उसने बताया कि अज्ञात नंबरों से लगातार आपत्तिजनक संदेश और धमकी भरे फोन आ रहे हैं। तकनीकी जांच के बाद लोकेशन निवाड़ी जिले तक पहुंची और वहां से एक युवती को गिरफ्तार किया गया, जिसने पूछताछ में गिरोह की कार्यप्रणाली स्वीकार की।
फर्जी सिम और बैंक खातों की जांच तेज
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इतनी बड़ी संख्या में फर्जी सिम कहां से जुटाई गईं और किन लोगों की मदद से इन्हें सक्रिय किया गया। इसके साथ ही जिन बैंक खातों में ठगी की रकम ट्रांसफर हुई, उनकी भी पड़ताल की जा रही है। संभावना जताई जा रही है कि इस नेटवर्क के तार प्रदेश के कई अन्य जिलों से भी जुड़े हो सकते हैं।
अगला लक्ष्य: सरगना तक पहुंचना
जांच एजेंसियां अब इस बात पर फोकस कर रही हैं कि पूरे गिरोह का संचालन कौन कर रहा था और इसमें कुल कितने लोग शामिल हैं। अन्य जिलों से भी ऐसे मामलों की जानकारी मंगाई जा रही है, ताकि पीड़ितों की संख्या का आकलन किया जा सके। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में इस ‘हेलो क्राइम’ नेटवर्क से जुड़े और नाम सामने आ सकते हैं।