28 जुलाई से शुरू होगा सत्र, बेरोजगारी-भ्रष्टाचार और जल जीवन मिशन घोटाले पर गरमाएगा सदन। मध्य प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र 28 जुलाई 2025 से शुरू होने जा रहा है। यह सत्र 12 दिनों तक चलेगा और इस दौरान सरकार को विपक्ष के तीखे सवालों और आरोपों का सामना करना पड़ेगा। इस बार रिकॉर्ड 3,377 लिखित सवाल विधायकों ने भेजे हैं। इसके साथ ही सत्र में सप्लीमेंट्री बजट भी पेश होगा, जिससे सरकार की वित्तीय प्राथमिकताओं पर भी नजर रहेगी।
सवालों की बाढ़: भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और स्वास्थ्य सेवाएं मुख्य निशाने पर
इस बार विधायकों ने 3,377 लिखित सवाल भेजे हैं, जिनमें 2,076 ऑनलाइन और 1,301 ऑफलाइन सवाल शामिल हैं। इन सवालों की समय सीमा 11 जुलाई को समाप्त हो चुकी है। अब ध्यानाकर्षण, शून्यकाल और स्थगन प्रस्तावों के माध्यम से विधायक जनहित के मुद्दे उठा सकेंगे। सवालों में भ्रष्टाचार, अवैध उत्खनन, बेरोजगारी, स्वास्थ्य सेवाएं और शिक्षा व्यवस्था जैसे मुद्दे हावी हैं।
सत्र की शुरुआत में ही गरमाएंगे ये मुद्दे
सत्र के पहले दिन ही रोजगार, कृषि, श्रम, पंचायत, खेल, युवा कल्याण, सहकारिता, उच्च शिक्षा और आयुष से जुड़े सवाल उठेंगे। विधानसभा सचिवालय ने सभी संबंधित विभागों को अलर्ट कर दिया है, जिससे मंत्री जवाब देने के लिए तैयार रहें।
विपक्ष का आक्रामक रुख, सत्ता पक्ष की भी पूरी तैयारी
कांग्रेस समेत विपक्षी दलों ने सरकार को घेरने की पूरी योजना तैयार कर ली है। जल जीवन मिशन घोटाला, कानून व्यवस्था और भ्रष्टाचार उनके प्रमुख हथियार होंगे। वहीं, सत्ता पक्ष भी जवाबी रणनीति बनाकर मैदान में उतरने को तैयार है ताकि विपक्ष के हमलों का तर्कसंगत जवाब दिया जा सके।
सप्लीमेंट्री बजट और विधेयकों पर नजर
इस सत्र में सप्लीमेंट्री बजट भी प्रस्तुत किया जाएगा, जिसमें विभिन्न विभागों के लिए अतिरिक्त राशि का प्रस्ताव शामिल होगा, हालांकि नए खर्च नहीं जोड़े जाएंगे। करीब एक दर्जन विधेयक भी सत्र में पेश किए जाएंगे, जिनमें से एक सचिवालय को प्राप्त हो चुका है।
जनहित के मुद्दों को उठाने का मिलेगा मौका
22 जुलाई से सचिवालय स्थगन, ध्यानाकर्षण और शून्यकाल से संबंधित सूचनाएं स्वीकार करेगा। विधायक ई-मेल या व्यक्तिगत रूप से ये प्रस्ताव जमा कर सकेंगे, जिससे क्षेत्रीय और जनहित से जुड़े मुद्दे सदन में रखे जा सकें।
मध्य प्रदेश का मानसून सत्र 2025 विधानसभा की कार्यवाही के लिहाज से बेहद अहम साबित होगा। सवालों की संख्या, विपक्ष की रणनीति और सप्लीमेंट्री बजट के चलते सत्र खासा सक्रिय और गरम रहने वाला है।