मध्य प्रदेश के कटनी जिले के बड़वारा में उस समय हड़कंप मच गया जब पूर्व कांग्रेस विधायक विजय राघवेंद्र सिंह की पत्नी रंजीता सिंह ने तहसील कार्यालय में खुद पर केरोसिन उड़ेलकर आत्मदाह का प्रयास किया। गुरुवार शाम करीब 4 बजे हुई इस घटना के समय कार्यालय में मौजूद कर्मचारियों और फरियादियों ने समय रहते रंजीता को बचा लिया। बताया जा रहा है कि वह पिछले छह महीने से अपनी खरीदी गई जमीन पर अवैध कब्जा हटवाने के लिए तहसील कार्यालय के चक्कर काट रही थीं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होने से मानसिक तनाव में थीं।
दो साल पहले खरीदी थी जमीन, अब तक न्याय नहीं
रंजीता सिंह ने 15 सितंबर 2021 को बिलायत कला गांव में जहान सिंह से 1176 वर्गफीट जमीन खरीदी थी। लेकिन वर्तमान में इस जमीन पर अनुरोध तिवारी नामक व्यक्ति का कब्जा है। उन्होंने नायब तहसीलदार अनुराधा सिंह पर आरोप लगाया कि कई बार शिकायत करने और दस्तावेज देने के बावजूद कोई भी सुनवाई या कार्रवाई नहीं हुई। इससे परेशान होकर उन्होंने आत्मदाह का प्रयास किया।
तहसीलदार ने आरोपों को बताया निराधार
बड़वारा तहसीलदार अनुराधा सिंह ने पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि रंजीता सिंह का प्रकरण राजस्व विभाग में विचाराधीन है। अनावेदक 1995 से भूमि पर काबिज है, जबकि आवेदिका के नाम जमीन 2021 में दर्ज हुई। मामला विवादित और न्यायालयीन प्रक्रिया में होने के कारण अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं हो पाया है।
कानून व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना के बाद तहसील कार्यालय की सुरक्षा और प्रशासनिक निष्क्रियता पर भी सवाल उठे हैं। राजनीतिक स्तर पर भी मामला गरमाने की आशंका है, क्योंकि यह मामला पूर्व विधायक के परिवार से जुड़ा हुआ है।