मध्य प्रदेश सरकार के दो वर्ष पूरे होने से पहले राज्य में विकास परियोजनाओं की रफ्तार और तेज़ होने जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने समीक्षा बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि नवंबर के अंत तक सभी प्रमुख औद्योगिक इकाइयों का सामूहिक भूमिपूजन पूरा कराया जाए। राज्य में मिले बड़े निवेश प्रस्तावों को जमीन पर उतारने की दिशा में तेजी लाई जाएगी, ताकि प्रदेश में रोजगार और उद्योग दोनों को बढ़ावा मिल सके।
समय-सीमा तय कर परियोजनाओं में तेजी
समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी महत्त्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स की समय-सीमा तय हो और उन्हें प्राथमिकता से आगे बढ़ाया जाए। उन्होंने निर्देश दिया कि दो वर्ष पूर्ण होने से पहले औद्योगिक इकाइयों का भूमिपूजन पूरा हो जाना चाहिए। सरकार का मानना है कि इससे आर्थिक गतिविधियाँ तेज़ होंगी और निवेशकों का भरोसा भी मजबूत होगा।
बड़े निवेश प्रस्तावों में तेजी से प्रगति
राज्य में आयोजित निवेश सम्मेलनों के बाद 30.77 लाख करोड़ रुपए से अधिक के प्रस्ताव मिले थे, जिनमें से 8.57 लाख करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट्स पर धरातल पर काम शुरू हो चुका है। उद्योग विभाग को प्राप्त 12.70 लाख करोड़ रुपए के 889 प्रस्तावों में से 397 पर भूमि आवंटन और लेटर ऑफ इंटेंट जारी कर दिए गए हैं। अन्य विभागों में प्रगति अपेक्षाकृत धीमी बताई गई।
सामूहिक भूमिपूजन की तैयारी लगभग पूरी
बैठक में बताया गया कि 5.13 लाख करोड़ रुपए के 190 प्रस्तावों की साइट विजिट पूरी हो चुकी है, जबकि 2.48 लाख करोड़ रुपए के निवेश के लिए भूमि आवंटन की प्रक्रिया समाप्त हो चुकी है। करीब 2 लाख करोड़ रुपए के औद्योगिक प्रोजेक्ट्स का सामूहिक भूमिपूजन जल्द ही आयोजित किया जाएगा। अब तक सरकारी योजनाओं से 7.85 लाख से अधिक लोगों को रोजगार मिल चुका है।
बायोटेक सेक्टर पर विशेष फोकस
सीएम ने बायोटेक्नोलॉजी सेक्टर में बढ़ती संभावनाओं को देखते हुए कहा कि हैदराबाद में होने वाले आगामी इंटरैक्टिव सेशन में प्रमुख कंपनियों को आमंत्रित किया जाए। सरकार का लक्ष्य है कि इस क्षेत्र में निवेश आकर्षित कर प्रदेश को नए रोजगार और तकनीकी विकास के अवसर प्रदान किए जाएं।