मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग ने राज्य सेवा परीक्षा 2026 के लिए नया सिलेबस जारी कर दिया है, जिसने हजारों अभ्यर्थियों की रणनीति बदल दी है। प्रारंभिक परीक्षा के पैटर्न में संशोधन, सामान्य अभिरुचि परीक्षण में नए टॉपिक्स और पदों की कम संख्या ने प्रतियोगियों की चिंता बढ़ा दी है। साथ ही परीक्षा तिथि और एडमिट कार्ड से जुड़ी जानकारी भी सामने आ चुकी है।
प्रारंभिक परीक्षा की तिथि और नई व्यवस्था
आयोग के अनुसार राज्य सेवा एवं वन सेवा प्रारंभिक परीक्षा 26 अप्रैल को प्रदेशभर में आयोजित की जाएगी। इस बार सिलेबस में बदलाव के चलते उम्मीदवारों को पहले से अलग तरीके से तैयारी करनी होगी। विशेष रूप से दूसरे प्रश्न पत्र में व्यावहारिक और विश्लेषणात्मक विषयों को अधिक महत्व दिया गया है, जिससे परीक्षा का स्वरूप पहले की तुलना में ज्यादा चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है।
सामान्य अभिरुचि परीक्षण में सात नए भाग
नए सिलेबस के तहत सामान्य अभिरुचि परीक्षण प्रश्न पत्र को सात हिस्सों में बांटा गया है। इनमें बोधगम्यता, संप्रेषण कौशल, तार्किक एवं विश्लेषणात्मक क्षमता, निर्णय लेने व समस्या समाधान, सामान्य मानसिक क्षमता, आधारभूत संख्यात्मकता और हिंदी भाषा में समझ कौशल शामिल हैं। इन टॉपिक्स से यह संकेत मिलता है कि अब केवल रटने की बजाय व्यावहारिक सोच और तर्कशक्ति पर जोर दिया जाएगा।
दोनों पेपर 300-300 अंकों के
प्रारंभिक परीक्षा में दो प्रश्न पत्र होंगे—पहला सामान्य अध्ययन और दूसरा सामान्य अभिरुचि परीक्षण। दोनों ही 300-300 अंकों के होंगे। सामान्य अध्ययन में भारत और मध्य प्रदेश का इतिहास, संस्कृति, साहित्य, भूगोल, संविधान, अर्थव्यवस्था, विज्ञान और पर्यावरण जैसे विषयों से प्रश्न पूछे जाएंगे, जिससे राज्य-विशेष तैयारी का महत्व और बढ़ गया है।
राज्य सेवा और वन सेवा के पद
आयोग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार 21 विभागों में कुल 156 राज्य सेवा पदों पर भर्ती की जाएगी। वहीं वन सेवा के अंतर्गत 36 पद—सहायक वन संरक्षक और वन क्षेत्रपाल—भरे जाएंगे। आवेदन प्रक्रिया 10 जनवरी से 9 फरवरी तक निर्धारित की गई है, जबकि प्रवेश पत्र 16 अप्रैल से उपलब्ध कराए जाएंगे।
कम पदों से बढ़ी चिंता
इस बार पदों की संख्या अपेक्षाकृत कम होने से अभ्यर्थियों में असंतोष देखने को मिल रहा है। कई उम्मीदवार पद बढ़ाने की मांग कर रहे हैं और इसे लेकर प्रदर्शन की अनुमति भी मांगी गई थी। बदलते सिलेबस और सीमित सीटों के कारण प्रतियोगिता और कड़ी होने की संभावना है, ऐसे में विशेषज्ञ अभ्यर्थियों को समयबद्ध योजना और नियमित अभ्यास पर जोर देने की सलाह दे रहे हैं।