मध्य प्रदेश में प्रशासनिक सेवा का सपना देख रहे युवाओं के लिए MPPSC PCS 2026 एक बड़ा और निर्णायक अवसर बनकर सामने आया है। इस बार न सिर्फ 155 पदों पर भर्तियां की जा रही हैं, बल्कि चयन प्रक्रिया में एक ऐतिहासिक बदलाव भी किया गया है। आयोग ने प्रीलिम्स परीक्षा में पहली बार निगेटिव मार्किंग लागू करने का ऐलान किया है, जिससे अब ‘तुक्का’ लगाने की रणनीति उम्मीदवारों पर भारी पड़ सकती है।
MPPSC PCS 2026 Notification: 155 पदों पर निकली भर्ती
राज्य सेवा परीक्षा 2026 के तहत कुल 155 रिक्त पदों को भरा जाएगा। इनमें प्रशासनिक और पुलिस सेवाओं के साथ-साथ विकास, महिला सशक्तिकरण और अन्य विभागों के पद शामिल हैं। उप कलेक्टर के 17 पद और पुलिस विभाग में डीएसपी के 18 पद सबसे ज्यादा चर्चा में हैं। इसके अलावा विकास खंड महिला सशक्तिकरण अधिकारी के 39 पद, सहकारिता विस्तार अधिकारी के 16 पद, अतिरिक्त सहायक विकास आयुक्त के 15 पद और आबकारी सब इंस्पेक्टर के 10 पद भी अधिसूचित किए गए हैं।
शैक्षणिक योग्यता और आयु सीमा
सभी पदों के लिए उम्मीदवार का किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक (Graduation) होना अनिवार्य है। आयु सीमा की बात करें तो गैर-वर्दीधारी पदों के लिए न्यूनतम आयु 21 वर्ष और अधिकतम 40 वर्ष रखी गई है। वहीं वर्दीधारी पदों के लिए अधिकतम आयु सीमा 33 वर्ष तय की गई है। आरक्षित वर्गों को नियमानुसार आयु में छूट मिलेगी।
चयन प्रक्रिया: तीन चरणों में होगी परीक्षा
MPPSC PCS 2026 की चयन प्रक्रिया तीन चरणों में पूरी होगी। सबसे पहले प्रारंभिक परीक्षा (Prelims), इसके बाद मुख्य परीक्षा (Mains) और अंत में साक्षात्कार (Interview) आयोजित किया जाएगा। आयोग के अनुसार प्रीलिम्स परीक्षा 26 अप्रैल 2026 को होगी, जबकि एडमिट कार्ड 16 अप्रैल 2026 से उपलब्ध कराए जाएंगे।
आवेदन प्रक्रिया और जरूरी तारीखें
आवेदन केवल ऑनलाइन मोड में स्वीकार किए जाएंगे। ऑनलाइन आवेदन की शुरुआत 10 जनवरी 2026 से होगी और 9 फरवरी 2026 तक फॉर्म भरे जा सकेंगे। आवेदन में सुधार के लिए 15 जनवरी से 11 फरवरी तक का समय मिलेगा। विलंब शुल्क के साथ 16 फरवरी 2026 तक 3000 रुपये और 1 अप्रैल 2026 तक 25000 रुपये शुल्क देकर आवेदन का विकल्प भी दिया गया है।
फीस और नेगेटिव मार्किंग का बड़ा बदलाव
राज्य के एससी, एसटी, ओबीसी, ईडब्ल्यूएस और दिव्यांग उम्मीदवारों के लिए आवेदन शुल्क 250 रुपये रखा गया है, जबकि सामान्य वर्ग और अन्य राज्यों के अभ्यर्थियों को 500 रुपये देने होंगे। इस बार सबसे बड़ा बदलाव प्रीलिम्स परीक्षा में निगेटिव मार्किंग का है। गलत उत्तर पर अंक काटे जाएंगे, जिससे अब बिना तैयारी अनुमान लगाकर सवाल हल करना नुकसानदेह साबित हो सकता है।