मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) की भर्ती प्रक्रियाएं लगातार देरी का शिकार हो रही हैं। कई परीक्षाएं पूरी हो चुकी हैं लेकिन इंटरव्यू अब तक नहीं हो पाए हैं। वहीं, कुछ भर्तियां कानूनी विवाद और प्रशासनिक अड़चनों में उलझी हैं। नतीजतन, अभ्यर्थियों का भविष्य अधर में लटका हुआ है और अब उन्हें 2026 तक इंतजार करना पड़ सकता है। अभ्यर्थियों का कहना है कि देरी के चलते वे न तो आगे की पढ़ाई की योजना बना पा रहे हैं और न ही वैकल्पिक करियर की।
भर्ती-2022: सहायक प्राध्यापक के 450 पद अधर में
साल 2022 में 1669 पदों पर भर्ती निकली थी। परीक्षा 2023 में कराई गई और 2024 की शुरुआत में परिणाम भी घोषित हुआ। लेकिन अब भी चार विषयों के इंटरव्यू पूरे नहीं हो पाए हैं। इनमें 450 से अधिक पद शामिल हैं। आयोग ने स्पष्ट किया है कि सबसे पहले इन्हीं अधूरे इंटरव्यू को पूरा किया जाएगा। इससे पूरी प्रक्रिया लगभग चार साल तक खिंच गई है।
सहायक प्राध्यापक भर्ती-2024: 1928 पदों पर अनिश्चितता
2024 में 23 विषयों के लिए 1928 पदों का विज्ञापन जारी हुआ था। परीक्षा परिणाम भी घोषित हो चुका है, लेकिन इंटरव्यू प्रक्रिया अब तक शुरू नहीं हो सकी है। आयोग का कहना है कि 2022 की भर्ती पूरी होने के बाद ही 2024 की भर्ती पर काम होगा। ऐसे में इंटरव्यू 2025 के अंत या 2026 तक जाने की संभावना है।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी परीक्षा-2025: बार-बार स्थगन से संकट
फूड सेफ्टी ऑफिसर भर्ती परीक्षा गड़बड़ियों के कारण रद्द कर दी गई थी और दिसंबर 2025 में इसे दोबारा आयोजित करना पड़ा। अब इस भर्ती का इंटरव्यू चरण 2026 में पहुंचने की उम्मीद है। अभ्यर्थियों का कहना है कि बार-बार स्थगन से उनका भविष्य लगातार प्रभावित हो रहा है।
राज्य सेवा परीक्षा-2025: कोर्ट में फंसी प्रक्रिया
2025 की सबसे बड़ी परीक्षा, राज्य सेवा परीक्षा, कानूनी विवाद में फंस गई है। प्रीलिम्स के परिणाम पर विवाद हाईकोर्ट तक पहुंचा और मेंस परीक्षा पर रोक लगा दी गई। अब मामला सुलझने के बाद ही संशोधित परिणाम, मेंस और फिर इंटरव्यू कराए जाएंगे। इस वजह से यह भर्ती भी 2026 से पहले पूरी नहीं होगी।
अभ्यर्थियों में गहरी नाराज़गी
लगातार टलती परीक्षाओं और लंबित इंटरव्यू से अभ्यर्थियों का धैर्य टूट रहा है। उनका कहना है कि वे तैयारी से ज्यादा समय परिणाम और इंटरव्यू के इंतजार में बिता रहे हैं। खनन अधिकारी, डेंटल सर्जन, लाइब्रेरियन, खेल अधिकारी और परिवहन उप-निरीक्षक जैसी कई अन्य भर्तियां भी इसी इंतजार की कतार में हैं। आयोग का कहना है कि सभी प्रक्रियाएं चरणबद्ध तरीके से पूरी की जाएंगी।