मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) ने इंटरव्यू सिस्टम में बड़ा बदलाव करते हुए जाति और सरनेम जैसी जानकारियों को पूरी तरह हटा दिया है। आयोग ने पारदर्शिता बढ़ाने और भेदभाव के आरोपों को रोकने के लिए इंटरव्यू फॉर्म को छोटा, सरल और निष्पक्ष बना दिया है।
इंटरव्यू फॉर्मेट में ऐतिहासिक बदलाव
MPPSC ने इंटरव्यू फॉर्मेट को 5 पन्नों से घटाकर अब केवल 1 पेज का कर दिया है। इस नए फॉर्मेट में न तो जाति (Caste) पूछी जाएगी और न ही सरनेम (Surname)। आयोग का मानना है कि यह कदम चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता लाने की दिशा में बड़ा फैसला है।
भेदभाव के आरोपों के बाद लिया फैसला
पिछले दिनों उम्मीदवारों ने आरोप लगाया था कि इंटरव्यू में सरनेम या जाति देखकर अंक तय किए जाते हैं। यहां तक कि कुछ ने दावा किया कि नेता या अधिकारियों के बच्चों को ज़्यादा अंक मिलते हैं। इन्हीं चिंताओं को देखते हुए MPPSC ने सुधारात्मक कार्रवाई की है।
नया फॉर्मेट कैसा होगा?
अब उम्मीदवार का नाम बिना मिडिल और सरनेम के होगा। साथ ही केवल शहर का नाम, शैक्षणिक योग्यता, कार्य अनुभव, NCC/NSS या अन्य उपलब्धियां पूछी जाएंगी। हर आवेदक को एक कोड नंबर मिलेगा जो उनकी पहचान का आधार होगा।
पारदर्शिता और जवाबदेही की पहल
MPPSC का कहना है कि वह हमेशा पारदर्शी और निष्पक्ष प्रणाली के पक्ष में रहा है। आयोग ने उम्मीदवारों की शिकायतों और सुझावों को गंभीरता से लेते हुए यह बदलाव किया है।
7 जुलाई से शुरू होंगे इंटरव्यू
राज्य सेवा परीक्षा 2023 के इंटरव्यू 7 जुलाई से शुरू होने जा रहे हैं। नए नियम इन्हीं इंटरव्यू से लागू होंगे। इससे उन सभी विवादों पर विराम लगने की उम्मीद है जो अब तक प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठाते थे।