मध्य प्रदेश में सड़क सुरक्षा और सुविधाओं को डिजिटल रूप से मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। लोक निर्माण विभाग ने लोकपथ 2.0 मोबाइल ऐप को लॉन्च कर दिया है, जो आम नागरिकों और वाहन चालकों के लिए एक स्मार्ट रोड गाइड की तरह काम करेगा। इस ऐप के जरिए सड़क की स्थिति, गड्ढे, ब्लैक स्पॉट और जरूरी सेवाओं की जानकारी एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होगी।
डिजिटल एमपी की ओर मजबूत पहल
भोपाल में आयोजित लोक निर्माण विभाग के राज्य-स्तरीय ट्रेनिंग प्रोग्राम के दौरान लोकपथ 2.0 ऐप को औपचारिक रूप से लॉन्च किया जा चुका है। इस कार्यक्रम में प्रदेशभर से 1500 से अधिक इंजीनियर शामिल हुए। आयोजन का उद्देश्य विभागीय नवाचार, डिजिटल टेक्नोलॉजी के उपयोग और इंजीनियरों की क्षमता को और मजबूत करना रहा, ताकि सड़क निर्माण और रखरखाव में पारदर्शिता और गुणवत्ता लाई जा सके।
सड़क पर क्या-क्या मिलेगा एक क्लिक में
लोकपथ 2.0 ऐप को एक समग्र डिजिटल प्लेटफॉर्म के रूप में विकसित किया गया है। इसमें पेट्रोल पंप, अस्पताल, पुलिस स्टेशन, टायर रिपेयर शॉप जैसी सड़क किनारे की आवश्यक सुविधाओं की जानकारी उपलब्ध कराई गई है। लंबी यात्रा के दौरान यह ऐप ड्राइवरों के लिए भरोसेमंद साथी साबित होगा और अनजान रास्तों पर भी जरूरी सेवाओं तक पहुंच आसान बनाएगा।
गड्ढों और खराब सड़कों की सीधी शिकायत
इस ऐप की सबसे अहम विशेषता सड़क की खराब स्थिति और गड्ढों की रिपोर्टिंग सुविधा है। नागरिक किसी भी सड़क पर समस्या देखते ही उसकी फोटो और लोकेशन के साथ शिकायत दर्ज कर सकते हैं। शिकायत सीधे संबंधित विभाग तक पहुंचती है, जिससे मरम्मत प्रक्रिया तेज होती है और जवाबदेही भी तय होती है।
ब्लैक स्पॉट अलर्ट और SOS से बढ़ेगी सुरक्षा
लोकपथ 2.0 में सड़क सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई है। ऐप में दुर्घटना संभावित ब्लैक स्पॉट की जानकारी पहले से मिलती है, जिससे चालक सतर्क रह सकें। इसके अलावा इमरजेंसी SOS फीचर भी जोड़ा गया है, जो संकट की स्थिति में तुरंत मदद पहुंचाने में
सहायक होगा।
नागरिक और सरकार के बीच डिजिटल सेतु
लोकपथ 2.0 सिर्फ एक ऐप नहीं, बल्कि नागरिकों और शासन के बीच संवाद का मजबूत माध्यम है। इसके जरिए आम लोग सड़क रखरखाव की निगरानी में भागीदार बनेंगे। यह पहल मध्य प्रदेश को स्मार्ट, सुरक्षित और जवाबदेह सड़क नेटवर्क की दिशा में आगे ले जाती है।