मध्यप्रदेश के धार जिले के लिए आज का दिन ऐतिहासिक बन गया। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जिले के पहले मेडिकल कॉलेज का भूमिपूजन किया। यह कॉलेज न केवल शिक्षा बल्कि आदिवासी अंचलों की स्वास्थ्य व्यवस्था में बड़ा बदलाव लाएगा।
धार में 600 बेड के मेडिकल कॉलेज की नींव
धार जिले में करीब 266 करोड़ रुपए की लागत से 600 बेड वाले मेडिकल कॉलेज का निर्माण किया जाएगा। यह कॉलेज पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर आधारित होगा, जो इसे देश का पहला ऐसा प्रयोग बनाएगा। कॉलेज परिसर में आईसीयू, आधुनिक जांच सुविधाएं और विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध होंगी। इसे जिला अस्पताल से जोड़ने की भी योजना है, ताकि गंभीर मरीजों को इंदौर या गुजरात रेफर न करना पड़े।
आदिवासी अंचलों को शिक्षा और स्वास्थ्य का लाभ
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सरकार ने इस आदिवासी बहुल क्षेत्र में मेडिकल कॉलेज के लिए 25 एकड़ जमीन मात्र 1 रुपए में उपलब्ध कराई है। इससे स्थानीय युवाओं को एमबीबीएस सहित मेडिकल शिक्षा के अवसर मिलेंगे। यहीं से डॉक्टर, नर्स, पैरामेडिकल स्टाफ तैयार होंगे और गांव-गांव तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचेंगी।
विकास कार्यों की भी बड़ी सौगात
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने धार जिले को 306 करोड़ रुपए के विकास कार्यों की सौगात भी दी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में प्रदेश में स्वास्थ्य, शिक्षा और बुनियादी ढांचे का तेजी से विस्तार हो रहा है। मेडिकल कॉलेजों की यह श्रृंखला स्वास्थ्य क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव की नींव साबित होगी।
भविष्य की तैयारी और नवाचार
सीएम ने बताया कि प्रदेश में एयर एंबुलेंस, मेट्रो और नई हवाई सेवाओं जैसे नवाचार शुरू किए गए हैं। पीपीपी मॉडल पर बनने वाले मेडिकल कॉलेज मध्यप्रदेश को स्वास्थ्य के क्षेत्र में नई पहचान दिलाएंगे।