मध्य प्रदेश में मतदाता सूची को दुरुस्त करने के लिए किए गए विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के बाद बड़ा बदलाव सामने आने वाला है। राज्य में वोटर लिस्ट से करीब 41 लाख नाम हटने की संभावना जताई जा रही है। आज यानी 23 दिसंबर को चुनाव आयोग प्रारंभिक मतदाता सूची जारी करेगा। इसके बाद दावे-आपत्तियों की प्रक्रिया शुरू होगी, जिससे योग्य मतदाताओं को राहत मिल सकती है।
SIR के बाद सामने आई चौंकाने वाली तस्वीर
मध्य प्रदेश में SIR प्रक्रिया के तहत बड़े पैमाने पर सत्यापन किया गया। इस दौरान कुल 5.76 करोड़ फॉर्म जमा हुए। जांच में पाया गया कि लाखों फॉर्म में जानकारी या तो अधूरी थी या फिर नियमों के अनुरूप नहीं थी। इसी वजह से वोटर लिस्ट में व्यापक संशोधन की जरूरत पड़ी।
किन कारणों से कट सकते हैं नाम
SIR के दौरान सामने आया कि लगभग 9 लाख फॉर्म ऐसे हैं, जिनमें वर्ष 2003 से जुड़ी आवश्यक जानकारी नहीं दी गई। इसके अलावा 8.5 लाख मतदाताओं की मृत्यु हो चुकी है, फिर भी उनके नाम सूची में दर्ज पाए गए। करीब 2.5 लाख मतदाताओं के नाम दो अलग-अलग स्थानों पर दर्ज हैं। कई फॉर्म में गणना पत्रक अधूरे मिले, जिससे संदेह की स्थिति बनी।
आज होगा प्रारंभिक प्रकाशन
23 दिसंबर को प्रारंभिक मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा। इस सूची के सामने आने के बाद उन लोगों को नोटिस भेजे जाएंगे, जिनके नाम सूची से हटाए गए हैं या शामिल नहीं हो पाए हैं। नोटिस मिलने पर संबंधित मतदाता आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत कर सकेंगे।
दावे-आपत्ति की प्रक्रिया शुरू
प्रारंभिक सूची जारी होते ही दावे और आपत्तियों का दौर शुरू होगा। रजिस्ट्रीकरण अधिकारी 14 फरवरी तक सभी मामलों का निराकरण करेंगे। इस दौरान पात्र मतदाताओं के नाम दोबारा जोड़ने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी, ताकि कोई भी योग्य नागरिक मतदान के अधिकार से वंचित न रहे।
21 फरवरी को आएगी फाइनल वोटर लिस्ट
सभी दावे-आपत्तियों के निपटारे के बाद 21 फरवरी को अंतिम मतदाता सूची जारी की जाएगी। माना जा रहा है कि फाइनल लिस्ट में केवल सत्यापित और योग्य मतदाताओं के नाम ही शामिल होंगे, जिससे चुनावी प्रक्रिया और अधिक पारदर्शी बन सकेगी।