मध्य प्रदेश में एक बार फिर मौसम ने अचानक करवट ले ली है। अगले 48 घंटों के लिए प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश, आंधी-तूफान और ओलावृष्टि का ट्रिपल अलर्ट जारी किया गया है। उत्तर भारत से सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी के कारण मौसम में यह बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। इससे आम जनजीवन के साथ-साथ किसानों की चिंता भी बढ़ गई है।
क्यों बदल रहा है प्रदेश का मौसम
प्रदेश में मौसम के अचानक बिगड़ने की मुख्य वजह पश्चिमी विक्षोभ का सक्रिय होना और नमी वाली हवाओं का प्रवेश है। इन मौसमी प्रणालियों के असर से बादल घने हो रहे हैं और कई जिलों में बारिश व ओलावृष्टि हो रही है। खासतौर पर ग्वालियर-चंबल और सागर संभाग में मौसम का प्रभाव ज्यादा देखा जा रहा है, जहां तेज हवाओं के साथ बारिश की संभावना बनी हुई है।
23–24 फरवरी को फिर सक्रिय होगा सिस्टम
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार 23 फरवरी की शाम से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा। इसके चलते इंदौर और उज्जैन संभाग में बादल छाए रहेंगे। 24 फरवरी को भोपाल, सीहोर, रायसेन, विदिशा, ग्वालियर और बुंदेलखंड के कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इस दौरान मौसम लगातार अस्थिर बना रहेगा।
तेज हवाओं और ओलावृष्टि का खतरा
बारिश के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। कुछ जिलों जैसे राजगढ़, नीमच, मंदसौर, श्योपुर और शिवपुरी के हिस्सों में ओलावृष्टि भी हो सकती है। ग्वालियर, भिंड, दतिया और मुरैना में आंधी-तूफान के साथ बिजली गिरने का भी अलर्ट है।
किसानों के लिए बढ़ी चिंता
फरवरी में तीसरी बार मौसम के बिगड़ने से किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। खेतों में खड़ी गेहूं और चने की फसल को बारिश और ओलों से नुकसान पहुंचने की आशंका है। विशेषज्ञों की सलाह है कि किसान समय रहते कटाई कर लें और फसल को सुरक्षित स्थान पर रखें, ताकि नुकसान कम हो सके।
तापमान में गिरावट और असर
बारिश और ठंडी हवाओं के कारण प्रदेश के कई शहरों में तापमान 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया है। भोपाल सहित इलाकों में ठंड का अहसास बढ़ गया है। पिछले 48 घंटों में 30 से अधिक जिलों में बारिश दर्ज की गई, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ और प्रशासन ने नुकसान के आकलन की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।