मध्य प्रदेश इस समय भीषण सर्दी की गिरफ्त में है। बीते एक हफ्ते से लगातार गिरते तापमान ने आम जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। ठंडी हवाओं और साफ आसमान के कारण रातें बेहद सर्द हो गई हैं। हालात ऐसे हैं कि कई शहरों में तापमान हिल स्टेशन से भी नीचे पहुंच गया है और मौसम विभाग ने अलर्ट जारी कर दिया है।
प्रदेश में ठंड का प्रचंड प्रहार
प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में कड़ाके की ठंड ने पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। रात के तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। शिवपुरी प्रदेश का सबसे ठंडा शहर बनकर उभरा है, जहां न्यूनतम तापमान 4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। कई अन्य शहरों में भी पारा असामान्य रूप से नीचे चला गया है, जिससे लोग अलाव और गर्म कपड़ों का सहारा लेने को मजबूर हैं।
इंदौर में 11 साल की सबसे सर्द रात
व्यावसायिक राजधानी इंदौर में इस बार दिसंबर की ठंड ने 11 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। हाल के दिनों में शहर का न्यूनतम तापमान 4.1 डिग्री दर्ज किया गया, जो बीते एक दशक में सबसे कम है। लगातार ठिठुरन को देखते हुए मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
पश्चिमी विक्षोभ से बदला मौसम का मिजाज
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, ऊपरी वायुमंडल में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और उत्तर भारत से आ रही सर्द हवाएं प्रदेश में ठंड बढ़ा रही हैं। तेज रफ्तार जेट स्ट्रीम और साफ आसमान के कारण रात में जमीन की गर्मी तेजी से निकल रही है, जिससे न्यूनतम तापमान तेजी से गिर रहा है। अगले दो दिनों तक यही स्थिति बने रहने की संभावना है।
कोहरे का असर, यातायात सेवाएं प्रभावित
घने कोहरे ने भी परेशानी बढ़ा दी है। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर जैसे शहरों में सुबह और रात के समय दृश्यता बेहद कम हो गई है। इसका असर हवाई और रेल सेवाओं पर पड़ा है। कई ट्रेनें देरी से चल रही हैं, जबकि कुछ उड़ानों को भी तय समय से काफी देर से रवाना होना पड़ा।
दिसंबर में लगातार ठंड का दबाव
इस दिसंबर में ठंड की तीव्रता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अब तक ज्यादातर दिन न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से नीचे रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि बादल नहीं छाए, तो ठंड का असर अभी और बढ़ सकता है।