ऑस्ट्रेलिया ने दुनिया को चौंकाते हुए अपना पहला घरेलू लड़ाकू ड्रोन MQ-28A “Ghost Bat” पेश किया है, जो बिना पायलट के भी दुश्मनों पर हमला करने में सक्षम है। 50 साल की लंबी रिसर्च और अरबों डॉलर के निवेश के बाद तैयार यह ड्रोन आधुनिक युद्ध रणनीति का चेहरा बदलने वाला माना जा रहा है। घोस्ट बैट न केवल ह्यूमन पायलट के साथ मिलकर काम कर सकता है बल्कि जरूरत पड़ने पर खुद भी युद्ध लड़ सकता है।
ऑस्ट्रेलिया का भविष्य का ‘आकाश योद्धा’
‘Ghost Bat’ ऑस्ट्रेलियाई रक्षा क्षेत्र में सबसे बड़ी छलांग के रूप में देखा जा रहा है। बोइंग के साथ साझेदारी में तैयार किए गए इस प्रोजेक्ट में 650 मिलियन डॉलर से अधिक का निवेश किया गया है। यह देश के इतिहास की पहली स्वदेशी कॉम्बैट एयरक्राफ्ट परियोजना है। इस ड्रोन को “Loyal Wingman” यानी भरोसेमंद साथी के रूप में डिजाइन किया गया है, जो मानव पायलटों के साथ उड़ान भर सकता है और युद्ध में सहयोग कर सकता है।
बेहद घातक, स्मार्ट और फुली ऑटोमेटिक
Ghost Bat की सबसे बड़ी ताकत इसकी स्वायत्त क्षमता (Autonomy) है। यह खुद उड़ान भर सकता है, टारगेट चुन सकता है और दुश्मनों पर मिसाइल दाग सकता है। इसमें लगे उन्नत सेंसर और मॉड्यूलर सिस्टम इसे हवा में मौजूद खतरों की पहचान करने और तुरंत एक्शन लेने की क्षमता देते हैं। ट्रायल के दौरान यह ड्रोन 150 घंटे से अधिक उड़ान भर चुका है और 20,000 से ज्यादा सिमुलेशन टेस्ट सफलतापूर्वक पास कर चुका है।
दुश्मनों के लिए ‘आकाश से बरसती मौत’
Ghost Bat को इस तरह डिजाइन किया गया है कि यह हवा में उड़ते हुए दुश्मन के लड़ाकू विमानों की जासूसी कर सके, उनकी गतिविधियों की लाइव जानकारी साझा करे और जरूरत पड़ने पर उन पर सीधा हमला भी करे। इसकी रेंज, गति और हवाई फुर्ती इसे युद्ध क्षेत्र में ‘Sky Predator’ बना देती है। ऑस्ट्रेलियाई रक्षा मंत्रालय का दावा है कि यह ड्रोन आने वाले वर्षों में एयर डिफेंस का गेमचेंजर साबित होगा।
रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम
पहले जहां ऑस्ट्रेलिया रक्षा उपकरणों के लिए अमेरिका पर निर्भर था, अब यह अपनी तकनीक से खुद को सशक्त बना रहा है। रक्षा मंत्री पैट कॉनरॉय के मुताबिक, “यह द्वितीय विश्व युद्ध के बाद पारंपरिक हथियारों की सबसे बड़ी दौड़ है। चीन जैसी शक्तियों के बीच प्रतिस्पर्धा में बने रहने के लिए ऑस्ट्रेलिया को अपनी रक्षा क्षमता बढ़ानी ही होगी।”