महेंद्र सिंह धोनी की वापसी का इंतजार कर रहे चेन्नई के फैंस को एक बार फिर झटका लगा है। आईपीएल 2026 में दिल्ली के खिलाफ 5 मई को होने वाले मुकाबले के लिए वह टीम के साथ नहीं गए हैं। धोनी फिलहाल चेन्नई में रहकर अपनी पिंडली की चोट से उबरने की कोशिश कर रहे हैं। सीजन की शुरुआत से ही चोट से जूझ रहे धोनी अब तक एक भी मैच नहीं खेल पाए हैं, जिससे टीम संतुलन पर असर साफ दिख रहा है।
कोच ने बताया देरी की असली वजह
चेन्नई सुपर किंग्स के कोच स्टीफन फ्लेमिंग ने धोनी की फिटनेस को लेकर अहम जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि पिंडली की चोट काफी जटिल होती है और इसमें जल्दबाजी करना भारी पड़ सकता है। ट्रेनिंग के दौरान जब धोनी वापसी के करीब थे, तभी चोट फिर उभर आई। फ्लेमिंग के मुताबिक अगर खिलाड़ी जल्दी मैदान पर लौटने की कोशिश करे और मांसपेशी दोबारा खिंच जाए तो पूरा सीजन खत्म हो सकता है। यही वजह है कि टीम इस बार पूरी सावधानी बरत रही है।
मैनेजमेंट नहीं लेना चाहता कोई जोखिम
टीम मैनेजमेंट का साफ मानना है कि धोनी जैसे अनुभवी खिलाड़ी को आधी फिटनेस में खिलाना सही फैसला नहीं होगा। उनका मानना है कि अगर जल्दबाजी की गई तो इससे खिलाड़ी के करियर और टीम दोनों को नुकसान हो सकता है। फिलहाल धोनी रिहैबिलिटेशन पर फोकस कर रहे हैं ताकि टूर्नामेंट के अहम मुकाबलों तक पूरी तरह फिट होकर वापसी कर सकें।
संजू ने संभाली जिम्मेदारी
धोनी की गैरमौजूदगी में संजू सैमसन ने टीम को संभालने का काम किया है। विकेटकीपिंग के साथ-साथ उन्होंने बल्लेबाजी में भी शानदार प्रदर्शन किया है। इस सीजन में 9 मैचों में 315 रन बनाकर उन्होंने टीम को कई मुश्किल स्थितियों से बाहर निकाला है। उनके बल्ले से निकले 2 शतक टीम के लिए सबसे बड़ा सहारा बने हैं।
इसे भी पढ़ें : 4 मई के नतीजे, 4 बड़े सबक, Assam से Bengal तक सियासत की नई तस्वीर खींची, आप भी पढ़ें
टीम की स्थिति और आगे की चुनौती
चेन्नई का यह सीजन उतार-चढ़ाव से भरा रहा है। शुरुआती मुकाबलों में हार के बाद टीम ने वापसी की कोशिश जरूर की है, लेकिन स्थिरता की कमी अब भी नजर आ रही है। 9 मैचों के बाद टीम अंक तालिका में छठे स्थान पर बनी हुई है। आने वाले मुकाबले टीम के लिए बेहद अहम होंगे, जहां उन्हें प्लेऑफ की उम्मीद जिंदा रखने के लिए लगातार जीत हासिल करनी होगी।