Bihar elections: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजों ने कई दावों और सपनों को धराशायी कर दिया है। इनमें सबसे बड़ा झटका विकासशील इंसान पार्टी (VIP) के प्रमुख मुकेश सहनी को लगा है, जो चुनाव से पहले खुद को महागठबंधन की तरफ से डिप्टी मुख्यमंत्री पद का दावेदार बता रहे थे। लेकिन नतीजों में उनकी पार्टी का प्रदर्शन बेहद खराब रहा। खबर लिखे जाने तक VIP एक भी सीट पर आगे नहीं थी, जबकि एनडीए 200 से ज्यादा सीटों पर बढ़त बनाए हुए है। महागठबंधन जहां बेहद कमजोर स्थिति में सिमटा है, वहीं VIP का खाता तक न खुलना राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है।
VIP की रणनीति फेल
चुनाव प्रचार के दौरान मुकेश सहनी ने खुद को महागठबंधन में प्रभावी चेहरा दिखाने की कोशिश की, लेकिन जनता ने उन्हें पूरी तरह नकार दिया। महागठबंधन में रहते हुए उन्होंने डिप्टी सीएम बनने तक का दावा कर दिया था, लेकिन नतीजों में उनकी पार्टी का सूपड़ा साफ हो गया। राजनीतिक पर्यवेक्षकों का कहना है कि VIP के पास न तो मजबूत संगठन था और न ही बड़े जनाधार वाले उम्मीदवार, जिसकी वजह से पार्टी चुनावी मुकाबले में टिक ही नहीं सकी। सहनी के राजनीतिक सफर के लिए यह सबसे बड़ा झटका माना जा रहा है।
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2020 में चमके थे सहनी
VIP ने 2020 के विधानसभा चुनाव में 4 सीटें जीतकर सबको चौंकाया था। इसके बाद मुकेश सहनी एनडीए सरकार में मंत्री भी बने। हालांकि धीरे-धीरे उनका NDA से रिश्ता बिगड़ता गया और वे महागठबंधन में शामिल हो गए। तेजस्वी यादव के समर्थन में खड़े होकर उन्होंने खुद को ‘डिप्टी CM’ के रूप में प्रोजेक्ट करना शुरू किया। लेकिन 2025 के चुनाव में स्थिति बिल्कुल उलट गई। पार्टी का प्रदर्शन इतना खराब रहा कि एक भी सीट पर बढ़त तक नहीं मिली। इसे लेकर राजनीतिक हलकों में तंज भी कसा जाने लगा—“न खुदा मिला, न विसाल-ए-सनम।”